मकर संक्रांति के पावन पर्व पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। लाखों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई, तिल-गुड़ का दान किया और इसके बाद भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन-पूजन किए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने नर्मदा के सभी घाटों और मंदिर परिसर में व्यापक इंतजाम किए, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रही। इसी बीच ओंकारेश्वर के डेम रोड स्थित दंडी चौराहे पर एक अप्रिय घटना सामने आई। यात्रियों को वीआईपी दर्शन और पूजन-अभिषेक को लेकर एक टैक्सी ड्राइवर और पंडित के बीच जमकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि झूमा-झटकी और मारपीट की नौबत आ गई। स्थिति बिगड़ती देख दंडी चौराहे पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ओंकारेश्वर में कई बार वीआईपी या अच्छी गाड़ियों को देखकर कुछ पंडित पार्किंग में जाने से पहले ही सड़क पर यात्रियों से दर्शन-पूजन के लिए संपर्क करने लगते हैं। इसी बात को लेकर टैक्सी ड्राइवरों और पंडितों के बीच अक्सर तनातनी की स्थिति बन जाती है, जिससे कुछ पंडितों की छवि भी प्रभावित हो रही है। बुधवार सुबह के दिन भी उज्जैन से एक टैक्सी आई थी। ड्राइवर ने अपने साथ आए श्रद्धालुओं को पंडितों के बहकावे में ना आने की सलाह दी, तभी पंडित बिफर गए। शहर की गणेश गोशाला पहुंचे श्रद्धालु
इधर, मकर संक्रांति के अवसर पर खंडवा शहर में भी उत्साह देखने को मिला। गणेश गोशाला में विशेष आयोजन किए गए, जहां गोशाला समिति द्वारा गोमाता की सेवा की गई। गोमाता को हल्दी-कुमकुम लगाकर तिल-गुड़ का भोग लगाया गया और खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में खंडवा महापौर अमृता यादव, विधायक कंचन तनवे सहित महिला मंडल की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। सभी ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। कुल मिलाकर, मकर संक्रांति पर ओंकारेश्वर और खंडवा में जहां एक ओर भक्ति और उल्लास का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर वीआईपी दर्शन को लेकर हुआ विवाद प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था के लिए एक चेतावनी भी बनकर सामने आया।


