रामाश्रय वार्ड में ईसीजी मशीन, मल्टीचैनल मॉनिटर और एडजस्टेबल वॉकर साथ ही मरीजों के लिए अलग ट्रॉली और व्हीलचेयर भी उपलब्ध रहेगी। वहीं, फिजियोथेरेपी के लिए शॉर्ट-वेव डायथर्मी, अल्ट्रासाउंड थेरेपी, सर्वाइकल ट्रैक्शन (इंटरमिटेंट), पेल्विक ट्रैक्शन (इंटरमिटेंट) और ट्रांस इलेक्ट्रिक नर्व स्टिमुलेटर (टीएनएस) की सुविधा रहेगी। नोडल अधिकारियों की ओर से समय-समय पर इसका निरीक्षण किया जाएगा। ^जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. शंकर सोनी का कहना है कि राज्य सरकार के निर्देश पर वृद्धजनों के लिए रामाश्रय वार्ड पहले से संचालित है जिसे अब विस्तारित किया गया है। यह वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित है। भर्ती मरीजों की जांच के लिए सैंपल वहीं पर लिए जाएंगे और निशुल्क भोजन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। रामाश्रय ओपीडी और विशेष रजिस्ट्रेशन काउंटर भी तैयार किया जा रहा है जिसे जल्द शुरू करवाया जाएगा। रामाश्रय वार्ड में भर्ती बुजुर्गों को सरकारी अस्पताल में प्राइवेट से भी बेहतर माहौल देने पर फोकस किया गया है। 10 बेड के रामाश्रय में हर बेड का पर्दे युक्त पार्टिशन किया गया है। मनोरंजन के लिए यहां एलईडी टीवी लगाया जाएगा। वहीं, वार्ड में किस स्टाफ की ड्यूटी है उसका नाम व मोबाइल नंबर डिस्पले होगा। यही नहीं स्पेशलिस्ट डॉक्टर की ऑन कॉल उपलब्धता रहेगी। वहीं, फिजियोथैरेपी से बेड-साइड केयर तक की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ओपीडी के लिए अलग पंजीकरण काउंटर होगा। 10 बेड वाले रामाश्रय वार्ड में (5 पुरुष व 5 महिला) जिसमें 2 अल्फा बेड शामिल हैं। वार्ड और प्रवेश द्वार पर चमकदार फ्लोरोसेंट लाइन मार्किंग की गई है ताकि दूर से ही रामाश्रय वार्ड नजर आए और बुजुर्गों को भी आसानी रहे। वार्ड में पुरूष-महिला वॉशरूम व गलियारे में हैंड-रेल के सहारे ग्रैब-बार लगाए गए हैं ताकि बुजुर्गों को चलने-फिरने में असुविधा नहीं हो। इसके अलावा नर्सिंग अलार्म सिस्टम लगाया गया है जिसे जरूरत पड़ने पर बजाया जा सकेगा। हनुमानगढ़| जिला अस्पताल में बुजुर्गों को अब प्राथमिकता आधारित और सम्मानजनक उपचार मिलेगा। इसके लिए रामाश्रय वार्ड तैयार करवाया गया है, जिसमें निशुल्क इलाज के साथ ही भोजन और मनोरंजन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित है जिसमें एयर प्यूरिफायर भी लगाए गए हैं। यही नहीं बुजुर्गों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़े इसलिए जांच के लिए सैंपल भी वहीं पर लिए जाएंगे। वहीं, वृद्धजनों को अब सामान्य ओपीडी की भीड़ में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से रामाश्रय ओपीडी और विशेष रजिस्ट्रेशन काउंटर तैयार किया गया है। इस व्यवस्था से बुजुर्ग मरीजों को पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक लंबी कतार में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से 2 हजार मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में सामान्य लाइन में इंतजार करना वृद्धजनों के लिए चुनौती बन जाता था।


