ओमशांति भवन इंदौर में रक्तदान शिविर:ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की 9वीं पुण्यतिथि पर 88 यूनिट ब्लड का संग्रह

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय इंदौर जोन के संस्थापक एवं क्षेत्रीय निदेशक रहे ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश भाईजी की 9वीं पुण्यतिथि पर ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में रक्तदान शिविर लगाया गया जिसमें 88 यूनिट ब्लड का संग्रह किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ में एम.वाय. हॉस्पिटल के ब्लड बैंक के डायरेक्टर एवं एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अशोक यादव ने कहा कि एम.वाई. हॉस्पिटल में प्रतिदिन 150 से 200 लोग ऐसे आते हैं जो एक्सीडेंट या ऐसी किसी बीमारी के शिकार होते हैं जिनके साथ में कोई नहीं होता। उनके लिए रक्त की तुरंत जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में आप लोगों के द्वारा दिए गए रक्त से उनका जीवन बचा पाते हैं। इसलिए रक्तदान महादान कहा जाता है। रक्त का निर्माण केवल मानव शरीर में ही होता है। एक यूनिट रक्त से अलग-अलग प्लाज्मा बनाकर तीन-चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्त का दान देकर किसी का जीवन बचाना बड़ी बात इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत करते हुए इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि शरीर में रक्त तो बनता ही रहता है लेकिन बड़ी बात है उस रक्त का दान देकर किसी का जीवन बचाना। रक्त देने से कभी कम नहीं होता, न कमजोरी आती है बल्कि देने से ताजा खून बन जाता है। परमात्मा आकर हमें जो ईश्वरीय ज्ञान दे रहे हैं उसे हम अपने जीवन में धारण कर, मनुष्य आत्माओं को ज्ञान दान देकर उनके जीवन में सुख, शांति, खुशी देकर उनका कल्याण कर सकते हैं, नवजीवन दे सकते हैं। मन का भी सशक्तिकरण करता है राजयोग मेडिटेशन सोडानी डायग्नोस्टिक की डायरेक्टर डॉ. साधना सोडानी ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के कर्मों की सराहना करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनें राजयोग मेडिटेशन द्वारा तन के साथ-साथ मन का भी सशक्तिकरण करती हैं, जो इस समय सबके लिए अनिवार्य है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त अमित जैन ने कहा कि किसी की पुण्यतिथि मनाने का यह सबसे श्रेष्ठ तरीका है। आज के दिन हम संकल्प लें कि जब भी मौका मिले हम रक्तदान अवश्य करें। साल में तीन चार बार रक्तदान कर कईयों का जीवन बचा सकते हैं। भोजन को भगवान का प्रसाद बनाएं कस्टम विभाग के अपर आयुक्त दिनेश बिसेन ने कहा कि हम जो अन्न, जल ग्रहण करते हैं उसे परमात्मा की याद में बनाएं, शुद्ध बाइब्रेशन देकर पानी पिएं और भोजन करें तो वह प्रसाद बन जाता है। ऐसे प्रभु प्रसाद का सेवन करते हैं तो शरीर की कई बीमारियों से बच सकते हैं। इस संस्थान से जुड़े भाई बहनें जो प्रतिदिन राजयोग मेडिटेशन करते हैं, पवित्र सात्विक जीवन जीते हैं, वह रक्तदान करेंगे तो वह रक्त बहुत जल्दी मरीजों को स्वस्थ बनाएगा। हम रक्त देते समय भी बहुत पावरफुल संकल्प से रक्तदान करें।इस अवसर पर एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज के डॉ. नरेंद्र वर्मा, श्रीमती उमा झंवर ने भी अपनी शुभकामना दी। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। संचालन पुष्पश्री हॉस्पिटल की डॉ. संगीता टावरी ने किया। ब्रह्माकुमारी मेडिकल विंग की जोनल को-ऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी उषा बहन ने सभी का आभार माना।

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