शहर में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थम नहीं रहा है। लगातार दूसरे दिन भी दो और मौतें अलग-अलग इलाकों में सड़क हादसों में हुईं। हादसों का शिकार सिर्फ वाहन चालक ही नहीं पैदल चलने वाले लोग भी हो रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक फरवरी में 29 बड़े सड़क हादसे हुए, जिनमें 16 की मौके पर मौत हुई, जबकि 13 गंभीर रूप से घायल हैं। कुहाड़ा रोड, चंडीगढ़ रोड, जसपाल बांगड़ रोड, जुगियाना रोड, मलेरकोटला रोड, फिरोजपुर रोड, लाडोवाल रोड, सिंधवां कैनाल रोड और सुआ पुल हादसों के हॉट-स्पॉट बनते जा रहे हैं। एनएच से अंदरूनी सड़कों तक तैनाती, लोग भी जिम्मेदार बनें तीन हादसों में हुई 4 की मौत वेरका मिल्क प्लांट भारत नगर चौक बस स्टैंड शाम 7:00 बजे भारत नगर चौक पर घुमार मंडी की ओर जाने वाले वाहन जाम में फंसे रहे, लेकिन वहां तैनात ट्रैफिक कर्मचारी ट्रैफिक को नियंत्रित करने की बजाय सिर्फ चालान काटने में व्यस्त दिखे। अंदर पढ़ें देर रात शराब के नशे में कार सवार ने किया गाड़ी को मारी टक्कर दोपहर 1:35 बजे शिमलापुरी नहर चौक पर देखा गया कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ कुछ प्राइवेट लोग भी मौजूद थे, जो वाहनों रोककर उनके चालान कटवा रहे थे। शाम 6:25 बजे बस स्टैंड इलाके में तैनात पुलिस कर्मी सिर्फ खड़े दिखाई दिए। ऑटो हटवाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोग जाम में फंसे रहे। दोपहर 12:21 बजे वेरका मिल्क प्लांट चौक पर ट्रैफिक कर्मी अपने केबिन में ही बैठकर ड्यूटी निभाते नजर आए। सोमवार दोपहर ट्रांसपोर्ट नगर में तेज रफ्तार ट्रक ने पैदल जा रहे 40 वर्षीय राम प्रसाद को टक्कर मार दी। सिविल अस्पताल में उनकी मौत हो गई। वहीं जंडियाली चौक, चंडीगढ़ रोड पर ट्रक (पीबी-10-एलए-8435) की टक्कर से घायल 60 वर्षीय दविंदर प्रसाद की इलाज के दौरान रविवार को जान चली गई। थाना जमालपुर पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जबकि तीसरा हादसा शनिवार को सुआ पुल के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार टिप्पर ने बाइक सवार दो दोस्तों खुशियां और संदीप सिंह को टक्कर मार दी। खुशियां की मौके पर मौत हो गई। संदीप ने रविवार को पीजीआई में दम तोड़ा। थाना डेहलों पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है।


