उदयपुर-डबोक नेशनल हाईवे स्थित शाश्वत धाम में जैनदर्शन कन्या महाविद्यालय का सातवां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया और इंदौर के ढाईद्वीप जिनायतन के अध्यक्ष ट्रस्टी पं. विपिन शास्त्री ने 23 छात्राओं को डिग्रियां बांटी। कटारिया ने कहा- शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और संस्कारों की स्थापना है। उन्होंने कहा- जैन दर्शन की अहिंसा, आत्मसंयम और नैतिकता की शिक्षाएं आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने जैनदर्शन कन्या महाविद्यालय द्वारा बालिकाओं को संस्कारयुक्त शिक्षा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा- ऐसे संस्थान समाज के नैतिक और आध्यात्मिक भविष्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
विशिष्ट अतिथि उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, कवि राव अजातशत्रु, पं. रमेश शास्त्री (सोनगढ़), ललित कुमार किकावत, चांदमल किकावत, भावेश कालिका, नरेंद्र दलावत, ध्रुवधाम बांसवाड़ा अध्यक्ष महिपाल जैन, समाजसेवी आई.एस.जैन मौजूद थे। प्राचार्य अमित जैन ने बताया- अतिथियों का स्वागत ट्रस्ट के मंत्री डॉ जिनेंद्र शास्त्री ने किया। वहीं संस्था का परिचय संस्था के संयोजक डॉ. अंकित शास्त्री ने दिया। संचालन डॉ. महावीर प्रसाद जैन और डॉ. तपिश शास्त्री ने किया एवं आभार प्रदर्शन महामंत्री भावेश कालिका ने जताया।


