बीकानेर में सर्दी बढ़ने के साथ ही खुले में सो रहे लोगों को रैन बसेरो तक पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। जूनागढ़ के पास फुटपाथ पर सो रहे कुछ परिवारों को खुद जिला कलेक्टर ने रैन बसेरो तक पहुंचाया। इतना ही नहीं इन रेन बसेरा में घर जैसा माहौल देने का प्रयास भी हो रहा है। जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि ने नगर निगम की ओर से संचालित विभिन्न रैन बसेरों और और श्री अन्नपूर्णा रसोइयों का मंगलवार को अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर जूनागढ़ के आगे से निकली तो वहां लोग कड़ाके की ठंड में फुटपाथ पर सो रहे थे। हाथों हाथ अधिकारियों को मौके पर तलब किया गया और इन बेसहारा लोगों को जिला अस्पताल स्थित रैन बसेरे में शिफ्ट करवाया। जिला कलेक्टर देर शाम नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष और उपयुक्त यशपाल आहूजा के साथ रैन बसेरों का निरीक्षण करने निकली। उन्होंने श्रीगंगानगर रोड स्थित प्राइवेट बस स्टैंड और बीछवाल स्थित फायर स्टेशन में संचालित श्री अन्नपूर्णा रसोई और रैन बसेरों की व्यवस्थाओं को देखा। सभी व्यवस्थाएं नॉर्म्स के अनुसार चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्नपूर्णा रसोई में भोजन की गुणवत्ता को परखा तथा रसोई बनाने में उपयोग ली जाने वाली खाद्य सामग्री को देखा। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने रसोइयों में प्रतिदिन जारी कूपन की जानकारी ली। भोजन कर रहे लोगों से फीडबैक लिया। रैन बसेरे में रजाई, कंबल, बिस्तर, गर्म पानी, गीजर तथा साफ-सफाई की व्यवस्था को देखा। जिला कलेक्टर ने कड़ाके की ठंड में जूनागढ़ और शनि मंदिर के आगे खुले में सो रहे लोगों को जिला अस्पताल और रेलवे स्टेशन के पास संचालित रैन बसेरे में शिफ्ट करवाया। जिला कलेक्टर मौके पर निगम के साथ की वाहनों के साथ पहुंची और निगम कार्मिकों एवं होमगार्ड्स की मदद से सभी असहाय लोगों को गाड़ी में बिठाकर रवाना करवाया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से उनके स्वास्थ्य की जांच की जाए तथा रैन बसेरे में भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करवाई जाए। उन्होंने निगम की टीमों को अन्य स्थानों पर चेक करने के निर्देश दिए। जूनागढ़ के आगे से सभी लोगों को शिफ्ट करने के बाद फुटपाथ की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कहीं भी कोई व्यक्ति खुले स्थान पर नहीं सोए, इसके लिए निगम द्वारा सतत अभियान चलाया जाए।


