बाबा विद्यापति दालान, हरमू में रविवार को मैथिली अधिकार दिवस का आयोजन किया गया। झारखंड मैथिली मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में साहित्यिक परिचर्चा, रूपा मिश्र विदेह साहित्य सम्मान प्रदान, पुस्तक विमोचन, कवि गोष्ठी व मैथिली पंचांग सह कैलेंडर 2025 का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद आदित्य साहु, विधायक नवीन जायसवाल, आईएएस कृपानंद झा, कथाकार अशोक, डॉ. विद्या नाथ झा, लक्ष्मण झा, डॉ. रमण कुमार झा आदि उपस्थित थे। महाकवि विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। मिथिला परंपरा के अनुसार, भगवती वंदना- जय जय भैरवी असुर भयाउनि… की प्रस्तुति मंच के बहिना प्रकोष्ठ के बबिता झा, सुनीता झा, अनीता झा, बिट्टू झा व नमिता मिश्रा ने किया। भारतेन्दु कुमार झा ने मंच संचालन का संचालन किया। इस मौके पर कथाकार अशोक को रूपा मिश्र विदेह साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मान में 35000 रुपए भी दिए गए। लिपि है भाषा का वस्त्र : डॉ. विद्यानाथ कार्यक्रम में मिथिलाक्षर उपेक्षा सं मिथिला पर दुष्प्रभाव विषय पर साहित्यिक परिचर्चा हुई। विषय प्रवेश कराते हुए डॉ. विद्यानाथ झा विदित ने कहा कि लिपि भाषा का वस्त्र है। जिस प्रकार बिना वस्त्र के मनुष्य का किसी को मुंह दिखाने के काबिल नहीं है, ठीक उसी तरह बिना लिपि के भाषा की है। लक्ष्मण झा सागर ने लिपि के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। कवि गोष्ठी का संचालन बद्रीनाथ झा ने किया। कवियों में सुरेन्द्र नाथ, अशोक, डॉ. अशोक प्रियदर्शी, कुमार मनीष अरविंद, आत्मेश्वर झा, राज कुमार मिश्र, कौशल किशोर झा, विनोद कुमार झा, डॉ. आकांक्षा चौधरी, कल्याणी झा, अंजु झा, सुकुमार नाथ झा, श्री दिवाकर झा ने अपनी-अपनी कविता पेश की। इसके बाद पुस्तक विमोचन किया गया। साथ ही मैथिली पंचांग सह कैलेंडर के लोकार्पण किया गया। कैलेंडर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सौजन्य से तैयार किया गया है।


