भास्कर न्यूज | रायगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल छत्तीसगढ़ की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। जिले में 109 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायगढ़ द्वारा वरिष्ठता सूची की अनदेखी कर कई स्थानों पर कनिष्ठ व्याख्याताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले को लेकर शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने डीईओ डॉ. केवी राव को लिखित शिकायत देकर नियुक्तियों की समीक्षा की मांग की। ज्ञापन में बताया गया है कि शासकीय नटवर स्कूल में पहले जूटमिल के प्राचार्य संतोष कुमार चंद्रा को केन्द्राध्यक्ष बनाया गया था। उनके द्वारा नाम वापस लेने के बाद तारापुर स्कूल के कनिष्ठ व्याख्याता किरण कुमार पटेल को दायित्व दे दिया गया, जबकि उनसे वरिष्ठ कई व्याख्याता हैं। इसी प्रकार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तारापुर में संशोधन कर व्याख्याता बीएल गुप्ता को केन्द्राध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि विद्यालय में प्राचार्य व वरिष्ठ व्याख्याता पदस्थ हैं। कार्मेल स्कूल में वर्ष 2010 में नियुक्त कनिष्ठ व्याख्याता प्रहलाद पटेल को केन्द्राध्यक्ष बनाया गया। परीक्षा केंद्र तिलगा में भी कनिष्ठ मनोज षडंगी को जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि 1998 से 2010 के बीच नियुक्त कई प्राचार्य व वरिष्ठ व्याख्याताओं को केन्द्राध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं दी गई। इस तरह सामने आई विसंगतियां वरिष्ठ प्राचार्य व अनुभवी व्याख्याताओं को नजरअंदाज करते हुए अनेक केंद्रों में कनिष्ठ व्याख्याताओं को केन्द्राध्यक्ष बनाया गया। बाद में जारी संशोधन सूची में भी वरिष्ठता क्रम का पालन नहीं किया गया और पात्र वरिष्ठों को अवसर नहीं मिला। इसके साथ ही दूरस्थ व अंतिम छोर के परीक्षा केंद्रों में वरिष्ठ प्राचार्यों की तैनाती कर दी गई, जबकि शहर एवं आसपास के नजदीकी केंद्रों की जिम्मेदारी कनिष्ठ व्याख्याताओं को सौंपे जाने से नियुक्ति प्रक्रिया पर असंतोष की स्थिति बनी हुई है।


