कन्या विवाह में गड़बड़ी पर हंगामा:16 जोड़ों की शादी का बजट 8 लाख, खर्च किए 33 लाख

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कन्या विवाह में गड़बड़ी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक संदीप साहू ने पूछा कि बलौदाबाजार-भाटापारा में 2022-23 से फरवरी 2025 तक कितने जोड़ों का विवाह कराया गया था तथा उन्हें कितने का उपहार दिया गया था। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि एक जोड़े की शादी का खर्च 50 हजार रुपए है और पूरी पारदर्शिता के साथ विवाह का आयोजन कराया जाता है। इस पर साहू ने कहा कि बालोद में एक जगह 16 जोड़ों के विवाह में 33 लाख रुपये खर्च हुए, जबकि नियम के मुताबिक एक जोड़े पर 50 हजार के हिसाब से 8 लाख रुपए खर्च होना चाहिए। साहू ने कहा कि उपहार सामग्री बहुत ही खराब है। इसके लिए दोषी लोगों पर क्या कार्रवाई करेंगे? इसके जवाब मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिलती है तो परीक्षण करा लेंगे। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि बालोद, दुर्ग एवं गुंडरदेही में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत विवाह समारोह के नाम पर 1 करोड़ 53 लाख खर्च कर दिए। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रति जोड़े के पीछे 8 हजार ही खर्च होता है। मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरु कर दिया। हंगामा बढ़ने से पहले ही प्रश्नकाल समाप्त हो गया। कोयले पर अब 50 रुपए कमीशन लिया जा रहा है: भूपेश बघेल विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोग चिंतित हैं कि प्रदेश का क्या होगा। डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी 40 लाख टन धान नीलाम करना पड़ रहा है। इससे राज्य को साढ़े तीन हजार करोड़ का नुकसान होगा। भूपेश ने कहा कि पिछली बार के बजट में ही 50 फीसदी से भी कम खर्च किया गया है। कोयले को लेकर हम पर 25 रुपए लेने का आरोप लगाया। अब चर्चा है कि 50 रुपए लिया जा रहा है। भूपेश ने कहा कि हमारी सरकार थी तो महानदी जल विवाद पर ओडिशा सरकार ने आपत्ति जताई थी। अब तो छग, ओडिशा और केंद्र, तीनों जगह भाजपा की सरकार है इसलिए इसे जल्द से जल्द हल किया जाना चाहिए। मार्च 26 तक खत्म होगा नक्सलवाद: चंद्राकर: भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि पिछली सरकार पांच साल में बेरोजगारी की परिभाषा तय नहीं कर पाई थी। प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 62 हज़ार रुपए हुई है। बजट प्रबंधन में छत्तीसगढ़ को दिल्ली से 4 हज़ार 400 करोड़ रुपए का इंसेंटिव दिया गया है। 5.62 लाख भूमिहीन लोगों को दस हज़ार रुपए वार्षिक की राशि दी जाएगी। मार्च 26 में नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य है। जैव विविधता पंजी, किसी सदस्य को पता है क्या: महंत नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि जैव विविधता पंजी तैयार नहीं हुआ है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 12 हजार 8 स्थानीय निकायों में जैव विविधता पंजी तैयार की जा चुकी है। ग्राम पंचायतों में काम हो रहा है। वेटलैंड स्थलों पर काम जारी है। महंत ने कहा कि जैव विविधता के अंतर्गत कौन-कौन से जीव जंतु पाए जाते इसकी यहां बैठे किसी भी मंत्री-​विधायक को है क्या? दिव्यांगों का चिन्हांकन नहीं होना चिंता की बात : डॉ.रमन प्रदेश के दिव्यांगों के चिन्हांकन को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के जवाब स्पीकर डा.रमन सिंह ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि 2016 से हम 2025 पर आ गए। नौ साल हो गए हैं और दिव्यांगजनों का चिन्हांकन नहीं कर पाए हैं। मुख्यसचिव और विभागीय सचिव को खुद ही इसकी चिंता करनी चाहिए। दरअस भाजपा विधायक प्रबोध ​मिंज ने इस संबंध में सवाल पूछा था। पालना घर के संचालन पर घिरीं विभागीय मंत्री राजवाड़े कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी द्वारा पालना घर के संचालन पर पूछे गए सवाल पर विभागीय मंत्री घिर गईं। मंडावी ने पूछा कि जब सरकार से इसकी राशि ही नहीं दी गई है तो फिर 175 पालना घर का संचालन कैसे हो रहा है? मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि 2024-25 में केंद्र से 60 प्रतिशत राशि प्राप्त हो चुकी है जबकि राज्यांश की 40 प्रतिशत शेष है। 15 फरवरी तक कोई राशि व्यय नहीं की गई है।

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