भास्कर न्यूज | मुंंगेली डॉ. भीमराव अम्बेडकर उच्चतर माध्यमिक आवासीय विद्यालय में विश्व स्काउट चीफ लॉर्ड बेडेन पावेल और लेडी बेडेन पावेल का जन्मदिवस विश्व चिंतन दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में स्काउटिंग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे बेहतर नागरिक बनाने का कारखाना बताया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के व्यवस्थापक एचआर भास्कर और जिला स्काउट संघ के कोषाध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। लॉर्ड बेडेन पावेल, लेडी बेडेन पावेल और डॉ. भीमराव अम्बेडकर के छायाचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद सर्वधर्म प्रार्थना की गई। ध्वज शिष्टाचार के साथ एक दिवसीय स्काउट शिविर की शुरुआत हुई, जिसमें बच्चों को टोलीवार विभाजित कर विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। प्राचार्य आशा दिवाकर ने पचमढ़ी में प्राप्त अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि स्काउटिंग ही वह एकमात्र वैश्विक संस्था है जो लड़के-लड़कियों को बराबरी का अवसर प्रदान करती है। यह लड़कियों में आत्मविश्वास, लैंगिक समानता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सबसे प्रभावी मंच है। जिला प्रशिक्षण आयुक्त राजेन्द्र दिवाकर ने स्काउटिंग को जीवन जीने की कला बताया। उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा, आज का दिन अपनी कमजोरियों को दूर करने और अच्छाइयों को उजागर करने पर चिंतन करने का है। हमें इस पर ध्यान देना चाहिए कि हम स्काउट-गाइड और यूनिट लीडर्स को कैसे बेहतर सपोर्ट करें, जिससे बिना किसी विवाद के संगठन की सदस्यता और प्रभाव में वृद्धि हो। विशिष्ट अतिथि संतोष कुमार ने स्काउटिंग के 118 वर्षों के सफर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मात्र 20 बच्चों से शुरू हुआ यह आंदोलन आज विश्वव्यापी बन चुका है। वहीं, व्यवस्थापक एचआर भास्कर ने कहा कि यदि हर विद्यालय में यह गतिविधि संचालित हो, तो हम देश को श्रेष्ठ नागरिक देने में सफल होंगे। कार्यक्रम के अंत में उपप्राचार्य छत्रपाल ने आभार प्रदर्शन किया।


