कोटा में कमांडो की ट्रेनिंग कर चुके आरएसी के एक कॉन्स्टेबल के सुसाइड करने का मामला सामने आया है। दादाबाड़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम ड्यूटी से लौटने के बाद 37 वर्षीय कॉन्स्टेबल प्रेम शंकर अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी पर लटके मिले। सूचना मिलते ही परिजन और स्टाफ के लोग उन्हें तत्काल न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है और आज मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 4 फरवरी को ही नौकरी को हुए थे 18 साल पूरे पुलिस के मुताबिक, प्रेमशंकर महावर मूल रूप से बूंदी जिले के करवर थाना क्षेत्र के जरखोदा गांव के रहने वाले थे। 2008 बेच के प्रेमशंकर RAC सेकंड बटालियन में पोस्टेड थे। कमांडो ट्रेनिंग कर चुके थे, हाल ही में 4 फरवरी को नौकरी के 18 साल पूरे हुए थे। प्रेमशंकर के एक 3 साल का बेटा और एक 7 साल की बेटी है। क्वार्टर में कॉन्स्टेबल फांसी के फंदे से झूले दादाबाड़ी थाना SHO बलदेव राम ने बताया कि प्रेमशंकर शाम को रोल कॉल में गए थे। वहां से वापस अपने क्वार्टर में आए और अपने कमरे में चले गए। पत्नी किचन में थी, बच्चे कमरे में थे। गुरुवार करीब रात 8 बजे प्रेमशंकर के फांसी पर लटके होने की सूचना मिली। इसके बाद परिजन और स्टाफ के लोग नीचे उतारकर इलाज के लिए हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टर्स ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। अभी तक सुसाइड के कारणों का नहीं हुआ खुलासा आज(शुक्रवार) मेडिकल बोर्ड से शव पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल सुसाइड के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। परिजनों ने भी मौत को लेकर किसी प्रकार का किसी पर शक नहीं जताया है। परिजनों की शिकायत और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।


