कमीशन को कानूनी जामा पहनाने वालो पर गिरी प्रशासन की गाज
पंच को पद से हटाया और ग्राम सचिव निलंबित
(संतोष कुमार झा)
अनूपपुर। कमीशन को कानूनी जामा पहनाने वाला प्रस्ताव पारित करने वाले पंचायत के पंच और सचिव को मिली सजा। म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 हानि, दुरूपयोग के लिये पंचों आदि का दायित्व के तहत उक्तानुसार पारित प्रस्ताव शासकीय राशि का दुरूपयोग की श्रेणी में आने के कारण मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्रामस्वराज अधिनियम 1993 अंतर्गत धारा 40 के तहत 13 नवम्बर 2024 द्वारा सरपंच एवं समस्त पंचगण ग्राम पंचायत सालरगोंदी, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी कर समक्ष में दिनांक 16 नवम्बर 2024 को उपस्थित होकर उपरोक्त के संबंध में मय साक्ष्य अपना जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। तत्पश्चात सरपंच एवं समस्त पंचगण द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं समक्ष में दिये गये कथन को दृष्टिगत रखते हुये आगामी पेशी 26 नवम्बर 2024 को हुई। दिनांक 19 नवम्बर 2024 को जारी एक निर्देश में जयंती पनाडिया सचिव, दशरथ सिंह ग्राम रोजगार सहायक एवं शशि पटेल मोबलाईजर को आहूत पेशी दिनांक 26 नवम्बर 2024 को समक्ष में उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया था। सुनवाई उपरांत दिये गये कथन, प्रस्तुत जवाब एवं प्रकरण से संबंधित समस्त दस्तावेज का गहनता से परीक्षण किया गया। परीक्षण उपरांत दोषी पाये गये सोनिया बाई, उपसरपंच एवं नरबदिया बाई पंच वार्ड नं. -2. ग्राम पंचायत सालरगोंदी, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ को मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्रामस्वराज अधिनियम 1993 अंतर्गत धारा 40 के तहत पारित आदेश दिनांक 26 दिसम्बर 2024 द्वारा पंच पद से हटाया गया। इसे 06 वर्ष की कालावधि के लिये पंचायत निर्वाचन हेतु निरर्हित घोषित किया गया है। साथ ही पृथक से विभागीय कार्यवाही करते हुये जयंती पनाडिया सचिव ग्राम पंचायत सालरगोंदी जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ द्वारा अपने पदीय दायित्वों का उल्लंघन किये जाने पर 31 दिसम्बर 2024 को निलंबन की कार्यवाही की गयी।
यह था मामला
आर्यावर्त समाचार पेपर कटिंग के आधार पर, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अन्तर्गत ग्राम पंचायत सालरगोंदी में मासिक बैठक में उपसरपंच सोनिया बाई ने प्रस्ताव रखा कि शासकीय कार्यों में से प्रत्येक कार्य पर 5 प्रतिशत की राशि पंचों को दी जानी चाहिए। सरपंच विकम प्रसाद ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि हर कार्य में 10 प्रतिशत का कमीशन लिया जाएगा। बैठक में उपसरपंच ने प्रस्ताव रखा कि सरकारी राशि का कमीशन 7 प्रतिशत उपसरपंच के लिए 10 प्रतिशत सरपंच के लिए और बाकी पंचों के लिए 5 प्रतिशत निर्धारित किया जाए। इस प्रस्ताव के अनुसार, यह कमीशन राशि शासकीय कार्यों में बंटवारा कर दी जानी चाहिए। यदि यह राशि नहीं दी जाती है तो ग्राम पंचायत के कार्यों में सहयोग नहीं किया जाएगा।
सचिव के साथ विवाद और दबाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रस्तावित मसौदे को ग्राम पंचायत सचिव ने गैरकानूनी और गलत ठहराया। सचिव का आरोप है कि इस कारण सरपंच और अन्य पंचों ने सचिव के खिलाफ जिला पंचायत सीईओ के पास सचिव की झूठी शिकायत की गई। सचिव ने मीडिया के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उनके द्वारा नियमानुसार कार्य किया जाता है। इस कारण सरपंच और पंचों को गैर कानूनी रुप से वित्तीय लाभ नहीं मिल पाता है, यह बात उनके गले नही उतर रही है वे इस बात को लेकर हमेशा नाराज रहते है और लगातार उन पर दबाव बनाते हैं। सचिव ने यह भी कहा कि उन्होंने किसी भी अवैध प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया है और नियमानुसार सभी कामों को करने का प्रयास किया है। शिकायत में एक अन्य सचिव के दखल के संबंध में, सचिव ने कहा कि पूर्व के सीनियर सचिव और पहले इसी पंचायत के सचिव रह चुके हैं, से कभी-कभी कार्यों को नियमानुसार पूरा करने के संबंध में सलाह ली गई है। यह सलाह केवल काम को सही तरीके से करने के लिए है, लेकिन सरपंच और पंचों को यह पसंद नहीं आता, क्योंकि इससे उनके अवैध लाभ की मंशा पूरी नहीं हो पाती हैं।
पिछले कामों और नए प्रस्तावों पर सफाई
सचिव ने बताया कि उनकी नियुक्ति के बाद शौचालय निर्माण का कोई नया प्रस्ताव स्वीकृत नहीं किया गया है, क्योंकि पिछले सचिव और सरपंच के कार्यकाल में लाभार्थियों को शौचालय निर्माण का लाभ मिल चुका था। उन्होंने कहा कि सामुदायिक शौचालय और सीसी रोड के निर्माण के लिए प्रस्ताव जनपद में भेजा गया है और स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरु किया जाएगा।


