सूरजपुर जिले में प्रेमनगर थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव में 24 घंटे के भीतर एक ही परिवार के दो जवान बेटों की अर्थी उठी। चचेरे भाई की करंट लगने से मौत हुई। जिस तार के करंट से उसकी मौत हुई, उसे दूसरे चचेरे भाई ने ही खेत को बकरी से बचाने के लिए लगाया था। चचेरे भाई की मौत के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए दूसरे भाई ने उसके ही कफन का फंदा बनाया और पेड़ पर झूल गया। महेशपुर गांव निवासी गणेश राजवाड़े (25) ने घर के पास ही लहसुन की खेती की थी। खेत में रोजाना बकरी आ जाती थी। इसीलिए गणेश ने खुले तार की फेसिंग कर खेत को घेर दिया था। घर के बाहर बल्ब से कनेक्शन लिया था। 1 मार्च रविवार की रात करीब 12.30 बजे गणेश के पड़ोस में ही रहने वाला चचेरा भाई नर्मदा राजवाड़े (30) उठा। वह तार के पास ही लगे नल से मुंह धोने लगा। वह आधी नींद में था और फेसिंग तार के करीब जाने से चपेट में आ गया। उसकी करेंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। इधर रात को ही गणेश को करंट से चचेरे भाई की मौत का पता चला। वह रात में ही घर से जंगल की तरफ चला गया। सुबह परिजनों ने नर्मदा का पीएम कराया और अंतिम संस्कार कर दिया। दूसरी तरफ गणेश ने नर्मदा की मौत के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए घर से 200 मीटर की दूरी पर पेड़ पर कफन से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार दोनों भाई खेती-बाड़ी के साथ मजदूरी करते थे। गणेश की चार महीने पहले ही शादी हुई थी। नर्मदा राजवाड़े की पांच साल पहले शादी हुई थी। उसके तीन छोटे बच्चे हैं। पति की मौत के बाद पत्नी बेसुध है और छोटे बच्चे मां को रोता देखकर रो रहे हैं। भाई नर्मदा की मौत से परेशान होकर आत्महत्या करने से पहले गणेश रविवार की रात करीब 1.30 बजे पत्नी के पास पहुंचा। उसने पत्नी से कहा कि मैं जा रहा हूं सरेंडर करने। नहीं तो लोग मुझे मार देंगे। इसके बाद वह घर से चला गया। सोमवार की सुबह उसकी पेड़ पर लटकी हुई लाश मिली। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे से शव उतारा। शव उतारते समय देखा गया कि फंदे में कोयला लगा हुआ है। पुलिस और ग्रामीणों का अंदाज है कि मरने से पहले गणेश चचेरे भाई नर्मदा की चिता पर गया गया था। वहीं से उसे कफन वाला कपड़ा मिला, जिससे उसने फंदा बनाया था। पंचनामा के बाद शव पीएम के लिए भेजा गया। देर शाम परिजनों ने गणेश का अंतिम संस्कार किया। पत्नी से कहा- जा रहा सरेंडर करने, नहीं तो मुझे मार देंगे गणेश राजवाड़े। नर्मदा राजवाड़े। गणेश की पत्नी रीमा ने पुलिस को बताया कि पति लहसुन की खेती को बचाने के लिए तार की फेंसिंग कर रहा था। उस समय उसने तार का घेराव करने से मना किया था। इस पर गणेश ने उसे डांटा और कहा कि बकरी से खेती को बचाने के लिए और क्या कर सकते हैं। गणेश ने दो फेस और दो अर्थिंग वाले चार लेयर में खेत का घेराव किया था। इसी की चपेट में आकर चचेरे भाई नर्मदा की मौत हो गई। आत्मग्लानि से कारण ही युवक ने फांसी लगाई है करेंट से मौत की सूचना पर पुलिस टीम पहुंची थी। आरोपी गणेश के पर केस दर्ज किया गया। वह गांव में नहीं मिला, तो खोज-बीन की जा रही थी। गांववालों को नजर रखने कहा गया था। उसने आत्मग्लानि के कारण फांसी लगाई है। पुलिस जांच कर रही है। आगे भी पूछताछ करेंगे। विराट विशी, थाना प्रभारी, प्रेमनगर


