भास्कर न्यूज | कोरबा जिले के चिन्हित 5 कोल ब्लॉकों को हासिल करने तकनीकी समिति के मूल्यांकन में खरा उतरने के बाद बोली लगाने वाली कंपनियों से अंतिम प्रस्ताव मंगवाया गया है। अब 14वें दौर के कोल ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। खनन पट्टा हासिल करने पर आवंटित कंपनी को स्वयं के उपयोग के साथ कोयले की बिक्री का अधिकार होगा, क्योंकि कमर्शियल माइनिंग के तहत कोल ब्लॉकों को आवंटित किए जाएंगे। 14वें दौर में छत्तीसगढ़ समेत दूसरे राज्यों के 41 कोल ब्लॉकों को नीलामी सूची में रखने के बाद कंपनियों से बोलियां मंगाई गई थी। जिन खदानों के लिए बोलियां मिली हैं, उनमें से कोरबा जिले के तीन करतला विकासखंड में और दो खदानें कोरबा ब्लॉक में शामिल है। 5 कोल ब्लॉक में करतला ब्लॉक के करतला साउथ, कलगामार, मदवानी और कोरबा विकासखंड के बताती कोल्गा वेस्ट व तौलीपाली कोल ब्लॉक है। जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार ये सभी खदानें 1 हजार मिलियन टन से अधिक उत्पादन क्षमता की है। िजले के इन कोल ब्लॉकों के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की बोलियां लगाई है। तकनीकी समिति के मूल्यांकन में योग्य पाए जाने पर अब अंतिम प्रस्ताव तय तिथि को मंगाया गया। इनमें कोरबा जिले के 5 कोल ब्लॉकों के साथ ही छत्तीसगढ़ समेत दूसरे राज्यों के 18 कोल ब्लॉक भी शामिल हैं। 27 फरवरी तक अंतिम प्रस्ताव पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कंपोजिट लाइसेंस हासिल करने के बाद कंपनियां कोल ब्लॉक में कोयले का व्यवसायिक खनन कर पाएगी। पहली बार रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कोल ब्लॉकों हासिल करने में रुचि ली है। इसके अलावा कई नई कंपनियों ने भी खनन कार्य के लिए बोलियां लगाई है।


