करवाचौथ 10 जुलाई को है। यह त्योहार पति-पत्नी के प्रेम और आस्था का प्रतीक माना जाता है, लेकिन ग्वालियर के कई घरों में करवा चौथ विवाद की वजह बन गया है। पति-पत्नी के बीच साड़ी को लेकर झगड़े हो रहे हैं। पहले बहस, फिर मारपीट तक हुई। झगड़े इतने बढ़े कि कुछ मामले परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गए। कहीं आर्थिक तंगी वजह बनी, तो कहीं आदतों और सोच ने रिश्ते में खटास घोल दी। परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलरों ने घंटों समझाइश दी, तब जाकर पति-पत्नी माने और हंसी-खुशी घर लौटे। 15 साल में सिर्फ 5 बार दिलाई साड़ी, झगड़ा हुआ फूलबाग निवासी मनोज यादव और उनकी पत्नी रजनी की शादी को 15 साल हो चुके हैं। इस बार करवा चौथ की तैयारी के दौरान पत्नी ने पूछा कि कैसी साड़ी दिलवाओगे? पति ने कहा, “तुम्हारे पास बहुत साड़ियाँ हैं, उन्हीं में से कोई पहन लो।” बात बढ़ी, दोनों में झगड़ा हो गया। मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा। पत्नी ने शिकायत में कहा कि 15 साल में पति ने सिर्फ 5 बार साड़ी दिलाई है। परामर्शदाताओं ने समझाने के बाद हर साल करवा चौथ पर पत्नी को नई साड़ी के वादे पर मामला शांत हुआ। साड़ी पहनती नहीं तो क्यों खरीदोगे? चंद्रवदनी नाका निवासी अजय और मानसी की शादी को 7 साल हो गए हैं। 10 दिन पहले जब मानसी ने पूछा कि इस बार करवा चौथ पर कौन सी साड़ी दिलवाओगे, तो पति ने कहा, “तुम साड़ी पहनती नहीं, तो क्यों खरीदोगी?” इस बात पर झगड़ा इतना बढ़ा कि मामला परामर्श केंद्र पहुंच गया। काउंसलरों ने दोनों को समझाया। पुरानी साड़ी पहनने पर मायके चली गई पत्नी बहोड़ापुर निवासी जगदीश राजपूत की शादी 2022 में मनीषा से हुई थी। जनवरी में नौकरी छूटने से घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। करवा चौथ पर पति ने पत्नी को पुरानी साड़ी पहनने की बात कही, जिस पर नाराज पत्नी मायके चली गई। मामला पुलिस तक पहुंचा। काउंसलर ने दोनों में राजीनामा कराया। पति नशे का आदी, साड़ी नहीं दिलाता राहुल और शिवानी की शादी को 5 साल हो चुके हैं। राहुल नशे का आदी है। इस बार जब शिवानी ने करवा चौथ पर साड़ी की बात की, तो पति ने मना कर दिया। मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने दोनों को समझाया। अब पति हर महीने पत्नी को 1000 रुपए देगा, जिस पर पत्नी शिवानी ने शिकायत वापस ली। करवाचौथ विश्वास का त्योहार है, खुशी से मनाएं ^करवाचौथ पर उपहार और साड़ी न दिलाने की बात को लेकर पति-पत्नी के बीच तकरार बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले महिला थाना और परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंचे हैं। अधिकांश विवाद छोटी बातों से शुरू होकर बड़ी बहस में बदल जाते हैं। काउंसलरों ने समझाइश देकर कई जोड़ों के रिश्ते टूटने से बचाए हैं। करवा चौथ प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के सम्मान का त्योहार है। करवा चौथ को शिकायत नहीं, सहयोग और संवेदना के साथ मनाएं। -रश्मि भदौरिया, टीआई महिला


