नरसिंहपुर के करेली में नेशनल हाईवे-44 पर स्थित ट्रीली प्लाईवुड फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फैक्ट्री के दो संचालकों के खिलाफ लापरवाही बरतने और मजदूरों की जान जोखिम में डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला 12 फरवरी की शाम का है, जब फैक्ट्री में अचानक ड्रायर फट गया था। सुरक्षा में बड़ी चूक, एक महिला की हालत नाजुक पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि फैक्ट्री परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के जोखिम भरा काम कराया जा रहा था। इस धमाके में पांच मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे, जिनमें प्रियंका प्रधान, कलाबाई परते, कुलदीप चौधरी, मंगेश कुल्ले और पवन नोरिया शामिल हैं। इनमें से प्रियंका प्रधान की हालत गंभीर है और उनका इलाज अस्पताल में जारी है। फैक्ट्री संचालकों पर कानूनी शिकंजा करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंग्वे ने बताया कि फैक्ट्री संचालक अनमोल जैन और उनके एक अन्य पार्टनर को इस हादसे के लिए जिम्मेदार माना गया है। जांच के आधार पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मशीनरी की समय पर जांच और रखरखाव क्यों नहीं किया गया, जिसके कारण इतना बड़ा विस्फोट हुआ। श्रम विभाग भी कर रहा जांच पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ अब श्रम विभाग की टीम मामले की अलग से जांच कर रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र की अन्य औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसी सभी फैक्ट्रियों की सुरक्षा जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


