लुधियाना पूर्वी तहसील में जमीन रजिस्ट्री के जरिए करोड़ों रुपए की स्टांप ड्यूटी चोरी करने का बड़ा मामला सामने आया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन और पुलिस ने पुराने रजिस्ट्री रिकॉर्ड की जांच तेज की, जिसमें सैकड़ों मामलों में सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की पुष्टि हुई है। हाईकोर्ट के आदेश पर दाखिल रिपोर्ट के अनुसार Annexure R-2 में दर्ज कुल 296 मामलों की जांच की गई। इनमें से 159 मामलों में रजिस्ट्री के समय कम स्टांप ड्यूटी वसूली गई। वहीं 134 मामलों में स्टांप एक्ट की धारा 47-ए के तहत दोबारा मूल्यांकन कर सही ड्यूटी तय करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। एक मामले में स्टांप ड्यूटी सही पाई गई, जबकि दो मामलों में पहले से ही डिविजनल कमिश्नर के समक्ष अपील लंबित है। कोर्ट ने सभी मामलों को चार सप्ताह में निपटाने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। स्टांप ड्यूटी चोरी के इस मामले में पुलिस ने कुल 318 लोगों को नामजद कर एफआईआर दर्ज की है, जिनमें 67 महिलाएं भी शामिल हैं। आरोप है कि जमीन की असली कीमत छिपाकर रजिस्ट्री में कम मूल्य दिखाया गया और सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। नेटवर्क में कॉलोनाइजर, डीलर व निजी लोग शामिल पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में प्रॉपर्टी डीलर, कॉलोनाइजर, ट्रस्ट और निजी लोग शामिल हैं। जिनकी पहचान जमालपुर अवाना के जरनैल सिंह व उसके भाई करनैल सिंह, न्यू शिवाजी नगर के अतुल गोयल और संजय बादूला, भामिया कलां के अवतार सिंह, चंडीगढ़ रोड स्थित एस.आर. डेवलपर्ज एंड कॉलोनाइजर, महावीर एन्क्लेव के अरविंद कुमार, शर्मनजी वाटिका की निखिता अग्रवाल, सुंदर नगर के राकेश महिता व जतिंदर महिता, जमालपुर अवाना के सनी मलिक, गांव मुडियां कलां के दविंदर सिंह, सेक्टर-32ए के इकबाल कृष्ण, मोहर नगर के वासदेव लूथरा, मोती नगर स्थित स्पीड वेज कोल्ड ट्रेडर्ज के बलविंदर सिंह व कुलदीप सिंह समेत अन्य को नामजद किया है।


