करौली के राजकीय पीजी कॉलेज में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के तहत ‘योग एवं मेडिटेशन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को योग तथा ध्यान के माध्यम से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। प्रथम तकनीकी सत्र की शुरुआत स्वामी प्रवीर देव ने ‘ॐ’ के उच्चारण और गायत्री मंत्र के साथ की। उन्होंने योग के महत्व को समझाया और सूर्य नमस्कार, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, तितली आसन, वक्रासन तथा भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करवाया। इस दौरान उन्होंने इन आसनों और प्राणायामों के विस्तृत लाभ भी बताए। ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला
दूसरे सत्र में रूप नारायण मीना ने ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ध्यान न केवल तनाव कम करने में सहायक है, बल्कि यह व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सत्र के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न ध्यान मुद्राओं से अवगत कराया गया। कार्यशाला से जुड़े अनुभव साझा किए
तीसरे और समापन सत्र में छात्र-छात्राओं ने कार्यशाला से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। समन्वयक डॉ. ओम प्रकाश मीना ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यशाला में पतंजलि योगपीठ करौली के योगाचार्य स्वामी प्रवीर देव मुख्य अतिथि रहे। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गढ़मोरा के प्रधानाचार्य रूप नारायण मीना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कॉलेज प्रिंसिपल रफीक अहमद ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला की रूपरेखा संयोजक डॉ. रामसिंह मीना ने प्रस्तुत की, जबकि सचिव डॉ. राम लखन मीना ने इसका संचालन किया। 400 लोगों ने कार्यशाला में लिया भाग
इस कार्यशाला में लगभग 400 शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद थे, जिनमें डॉ. दामोदर लाल मीना, डॉ. मनमोहन मीना, डॉ. हीरालाल मीना, डॉ. गोरेलाल मीना, चेतराम मीना, डॉ. कारूलाल मीना, डॉ. ब्रिजेश कुमार मीना, शुचि मीणा, संजना, सुमन गुर्जर, हरिनारायण मीना, विश्राम सिंह मीना और अबरार खान शामिल थे।


