करौली में थैलेसीमिया और हीमोफीलिया पीड़ित बच्चों के बेहतर भविष्य और सुरक्षित रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ब्लड बैंक, सामान्य चिकित्सालय करौली द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में रोगों की रोकथाम, उपचार और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया। कार्यशाला के दौरान राज्य सरकार की थैलेसीमिया कुटुंब योजना के तहत कई समाजसेवी संस्थाओं को थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पहल का उद्देश्य मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह जिला स्तरीय कार्यशाला ब्लड बैंक, सामान्य अस्पताल करौली के देखरेख में गार्डन करौली इन के सभागार में आयोजित की गई। इसका मुख्य विषय थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और स्वैच्छिक रक्तदान था। कार्यशाला में पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा, उप नियंत्रक डॉ. भुवनेश बंसल, मेडिकल कॉलेज के डॉ. रवि मीणा, पीजी कॉलेज के डॉ. सीताराम खंडेलवाल, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. धर्मभाई मीणा और डॉ. मनीष शर्मा जैसे विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया रोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नियमित रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमजन को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान पीजी कॉलेज करौली, भारत विकास परिषद हिंडौन, जीवन ज्योति फाउंडेशन हिंडौन और टीम पर्यावरण जीवन रक्षक करौली को पांच-पांच थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर करौली जिले के प्रमुख रक्तदाता जैसे अकबर खान, बबलू शुक्ला शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, मोहित मित्तल, रिजवान खान, विक्की सेन, पुष्पेंद्र बंसल, भावेश लोढ़ा, सुमित गर्ग, मोहनलाल शर्मा, जयसिंह मीणा, अखिलेश गुप्ता, भूपेंद्र बिहारी शर्मा, के.के. मित्तल, प्रमोद गर्ग, श्यामसुंदर शर्मा, विकास शर्मा, रूप सिंह गुर्जर, स्वप्निल शर्मा, बब्लेश सैनी, निमेष गुप्ता, केसरी नंदन और प्रदीप सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, लगभग 20 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे और उनके परिजन भी कार्यक्रम में मौजूद थे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को निरंतर सहयोग सुनिश्चित करना था।


