करौली में राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह परिसर स्थित पालना गृह में सोमवार सुबह एक नवजात बालिका सुरक्षित मिली। पालना गृह की घंटी बजने पर कर्मचारियों ने उसे देखा। इस घटना ने ‘फेंके नहीं, हमें दें’ संदेश को एक बार फिर जीवंत कर दिया। सवेरे करीब 11:30 बजे पालना गृह की घंटी बजी। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने पालना गृह खोलकर देखा तो उसमें एक नवजात बालिका रोती हुई मिली। शिशु गृह के अधीक्षक आशीष बंसल और शिशु गृह मैनेजर प्रवीण गुर्जर तत्काल बालिका को राजकीय शिशु गृह ले आए। इसके बाद बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल शर्मा से समन्वय स्थापित कर नवजात को राजकीय सामान्य चिकित्सालय करौली में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की प्रारंभिक जांच में बालिका को पूर्णतः स्वस्थ बताया गया है। आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों के लिए उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नवजात शिशुओं को असुरक्षित स्थानों पर छोड़ने के बजाय पालना गृह जैसी सुरक्षित व्यवस्था का उपयोग करें। इससे हर बच्चे को जीवन और संरक्षण मिल सकेगा।


