करौली में प्राइवेट बसों की 2 दिवसीय हड़ताल समाप्त हो गई है। आरटीओ की कार्रवाई और भारी जुर्मानों के विरोध में की गई यह हड़ताल प्रशासन से सकारात्मक वार्ता के बाद खत्म हुई, जिससे जिले में बस संचालन बहाल हो गया। डीटीओ धारा सिंह और ट्रैफिक इंचार्ज रामदीन शर्मा के साथ शुक्रवार को करीब 1 घंटे तक चली वार्ता के बाद सहमति बनी। इसके उपरांत बस यूनियन ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। 150 से ज्यादा बसें रही प्रभावित
हड़ताल के कारण करौली से संचालित होने वाले 11 प्रमुख रूटों पर 80 से अधिक बसों का संचालन ठप हो गया था। जिलेभर में कुल 150 से ज्यादा निजी बसें प्रभावित रहीं। विशेष रूप से करौली-जयपुर मार्ग पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री होते रहे परेशान
कैलादेवी आने वाले श्रद्धालुओं और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को आवागमन में काफी दिक्कतें हुईं। बस स्टैंडों पर यात्रियों की भीड़ जमा हो गई, और कई लोगों को निजी वाहनों या अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करना पड़ा। रोडवेज ने स्थिति को संभालने के लिए करौली-जयपुर मार्ग पर चार अतिरिक्त बसें चलाईं, साथ ही विद्याधर, अलवर और भरतपुर डिपो से भी अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई, जिससे यात्रियों को आंशिक राहत मिली। मांगों को लेकर मिला आश्वासन
बस यूनियन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को दोहराया। इनमें एआईटीपी टैक्स को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कम करना, निलंबित आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) को बहाल करना, जिला मुख्यालय पर फिटनेस सुविधा फिर से शुरू करना और अवैध वाहनों पर कार्रवाई करना शामिल है। यूनियन का तर्क है कि कठोर कार्रवाई और भारी टैक्स के कारण बस संचालकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। डीटीओ ने दिया आश्वासन
डीटीओ धारा सिंह ने बताया कि बस संचालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमानुसार समाधान के प्रयास किए जाएंगे। डीटीओ ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि है और परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


