करौली में 26 फरवरी को जिला स्तरीय ‘विकसित भारत युवा संसद’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें 74 युवा लोकतंत्र और आपातकाल जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। यह मंच युवाओं को नेतृत्व और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ने की एक पहल है। यह कार्यक्रम ‘मेरा युवा भारत’, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और गवर्नमेंट कॉलेज करौली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा। इसका आयोजन गवर्नमेंट कॉलेज करौली परिसर में किया जाएगा। इसमें 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत युवा भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों को “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” (50 Years of Emergency: Lessons for Indian Democracy) विषय पर अपना वक्तव्य देना होगा। यह वक्तव्य हिंदी या अंग्रेजी में अधिकतम तीन मिनट का होगा। मूल्यांकन के दौरान विषय की समझ, तार्किक विश्लेषण, संवैधानिक जानकारी और प्रभावी अभिव्यक्ति को आधार बनाया जाएगा। गवर्नमेंट कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. रफीक अहमद ने बताया कि युवा संसद लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत करने का एक प्रभावी मंच है। यह ‘विकसित भारत–2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करता है। यह आयोजन ‘नेशनल यंग लीडर्स प्रोग्राम’ के अंतर्गत हो रहा है। इस जिला स्तरीय आयोजन से चयनित पांच प्रतिभागी राज्य स्तर पर भाग लेंगे। इसके बाद, राज्य स्तर से चुने गए तीन युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।


