कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत सोमवार को चित्तौड़गढ़ पहुंचे। वे यहां कुछ ही समय के लिए रुके। इस दौरान उन्होंने चित्तौड़गढ़ दुर्ग का अवलोकन किया।
उनकी सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन और पुलिस मुस्तैद दिखे। राज्यपाल गहलोत 25 साल पहले भी चित्तौड़गढ़ आए थे। उन्होंने अपने वो पुराने दिन याद किये। सड़क मार्ग से पहुंचे चित्तौड़गढ़
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत सोमवार को सड़क मार्ग से चित्तौड़गढ़ पहुंचे। जहां पर राज्यपाल गहलोत ने विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग का अवलोकन किया।
इस दौरान उन्होंने व्यू प्वाइंट, कुंभा महल, फतेह प्रकाश, विजय स्तंभ, जौहर स्थल, पद्मिनी महल सहित कई अन्य प्राचीन धरोहरों को देखा और गाइड पार्वती सुखवाल से दुर्ग इतिहास बारे में जानकारी ली।
वहीं, राजयपाल गहलोत के दौरे को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन पूरे दिन मुस्तैद दिखाई दिया। 25 साल पुरानी यादों को किया ताजा
राज्यपाल गहलोत 25 साल पहले भी चित्तौड़गढ़ दुर्ग आ चुके थे। उन्होंने दुर्ग के रख-रखाव के लिए तारीफ की। विजय स्तम्भ की दीवारों पर चमक देखकर उन्होंने उसके बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि विजय स्तंभ पर केमिकल वॉश करवाया गया था।
राज्यपाल ने 25 साल पुरानी यादों को ताजा किया। उनका कहना था कि 25 साल पहले भी सभी मॉन्यूमेंट्स ऐसे ही नजर आए थे।


