विष्णुदेव साय ने प्रदेश के कर्मचारियों से किया गया वादा निभाते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना लागू करने की घोषणा की है। विधानसभा में पेश बजट में ओपी चौधरी ने इस योजना को शामिल करते हुए इसे औपचारिक मंजूरी दी। इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ए.के. चेलक और प्रदेश महामंत्री बोधी राम निषाद ने कहा कि यह कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी और इससे लाखों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। पहले किया था आश्वासन 11 जनवरी 2026 को रायपुर में आयोजित प्रांतीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी। उसी कार्यक्रम में कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग भी उठाई गई थी, जिस पर जल्द निर्णय लेने का भरोसा दिया गया था। बजट में की गई घोषणा से यह वादा अब पूरा हो गया है। इलाज का खर्च होगा कम संघ पदाधिकारियों का कहना है कि बढ़ते इलाज खर्च के कारण कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। कैशलेस चिकित्सा योजना लागू होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आपात स्थिति में बिना तुरंत भुगतान के इलाज मिल सकेगा, जिससे समय पर उपचार और आर्थिक राहत दोनों मिलेंगी।


