जयपुर कलेक्ट्रेट में आज राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नवनियुक्त कार्यकारिणी के सदस्यों को शपथ दिलाई। इस मौके पर देवनानी ने कर्मचारियों को संदेश देते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान लगाए जाने वाले नारे को बदला जाना चाहिए। निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा और उनकी कार्यकारिणी ने शपथ ली। इस दौरान वासुदेव देवनानी ने अपने संबोधन में कर्मचारियों को सीख देते हुए कहा कि कर्मचारियों की अपनी कई मांगी होती हैं, समय आने पर पूरी भी होती हैं, लेकिन कर्मचारी संगठनों का आंदोलन के दौरान ”चाहे जो मजबूरी हो हमारी मांगें पूरी हों” नारा नहीं होना चाहिए। उसकी जगह नारा ”देश हित में करेंगे काम और काम का लेंगे पूरा दाम” का नारा होना चाहिए। इस मौके पर देवनानी ने कहा- पहले भी कई कर्मचारी नेता विधायक बने हैं, मैं भी पहले कॉलेज लेक्चरर रह चुका हूं। मैं हमेशा कहता हूं कि लॉकर दो चाबी से खुलता है, एक कर्म और दूसरा भाग्य की चाबी से। दोनों चाबी जब एक साथ लग जाती हैं तो व्यक्ति आगे बढ़ जाता है। इसी तरह से यदि आपके भी राजनीतिक भाग्य की चाबी लग जाएगी तो आप में से ही कोई भी व्यक्ति विधायक और मंत्री बन सकता है। शपथ ग्रहण समारोह में जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह, सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा और जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी भी मौजूद रहे। मंत्रालयिक निदेशालय से राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारियों अलग करवाना प्राथमिकता
समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता मंत्रालयिक निदेशालय से राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारियों को अलग करवाना है। साथ ही राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी हार्ड ड्यूटी करते हैं उन्हें हार्ड ड्यूटी एलाउंस दिलाना भी उनका अहम लक्ष्य है। शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों ने मुझे निर्विरोध निर्वाचित करके अध्यक्ष बनाया है, मेरा ये दायित्व बनता है कि मैं भविष्य में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनके हित में कार्य करूं। शर्मा ने कहा कि मंत्रालयिक कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए भी हर स्तर पर वे प्रयास करेंगे और उपखंड स्तर पर पदों को लेकर लंबित पत्रावलियों को भी जल्द आगे भिजवाने की उनकी प्राथमिकता रहेगी।


