जशपुरनगर | पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की सफलता के लिए गम्हरिया में अखंड रामायण पाठ शनिवार से शुरू हुआ। श्री सती सेवा समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा में शामिल होने के लिए महिलाएं सुबह से ही सतीधाम दुर्गा मंदिर, गम्हरिया में एकत्र होने लगी थीं। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद महिलाएं पारंपरिक परिधान में गाजे-बाजे और जयकारों के साथ बांकी टोली स्थित बांकी और तिवारी नदी के संगम स्थल के लिए रवाना हुईं। गम्हरिया से गर्ग हाउस होते हुए श्रद्धालु महिलाएं संगम स्थल पहुंचीं। यहां पंडित अनुज मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संगम का पवित्र जल कलश में भरवाया। इसके बाद महिलाएं आयोजन स्थल के लिए रवाना हुईं। सती मंदिर के पुजारी नरेश बाबा ने बताया कि यह आयोजन पिछले दस वर्षों से लगातार हो रहा है। अखंड रामायण पाठ का उद्देश्य विश्व शांति और मानव कल्याण है। इस बार विशेष परिस्थितियां हैं, जब भारत-पाकिस्तान सीमा पर हमारी सेना दुश्मनों को करारा जवाब दे रही है। अखंड रामायण पाठ के दौरान श्रद्धालु माता रानी से भारतीय सेना की विजय के लिए आशीर्वाद मांगेंगे। कलश यात्रा के बाद रात को सत्संग और भजन का आयोजन किया गया है। 11 मई को सुबह 8 बजे से अखंड रामायण पाठ शुरू हुआ, जो 12 मई को सुबह 8 बजे हवन-पूजन के साथ संपन्न होगा। दोपहर 1 बजे से भंडारे का आयोजन किया गया है। पंडित अनुज मिश्रा ने बांकी टोली में स्थित बांकी और तिवारी नदी के संगम का महत्व बताते हुए कहा कि इन दोनों नदियों की पूजा मानव रूप में की जाती है। इनकी उत्पत्ति शहर के समीपवर्ती ग्राम सिटोंगा से हुई है।


