झालावाड़ कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मंगलवार को ग्राम पिपलोदी का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान जिला कलेक्टर ने कहा कि पिपलोदी का हर परिवार अकेला नहीं है, जिला प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पेंशन प्रकरणों के लंबित रहने, पेयजल संकट और खाद्य सुरक्षा योजना में राशन पुनः चालू करवाने सहित विभिन्न समस्याओं से जिला कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर राठौड़ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का शीघ्र, संवेदनशील और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि किसी भी परिवार को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानी न उठानी पड़े।
भामाशाह मोर सिंह को सौंपा एक लाख रुपए का चेक पिपलोदी हादसे के बाद राजकीय स्कूल के संचालन के लिए अपना निजी मकान उपलब्ध करवाने वाले भामाशाह मोर सिंह के योगदान की सराहना करते हुए जिला कलेक्टर ने उनके नए घर के निर्माण में सहयोग के लिए 1 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि “ऐसे भामाशाह समाज के लिए प्रेरणा हैं, इनके सहयोग से कठिन समय में व्यवस्था को संभाला जा सका।” चौपाल के दौरान एक बालिका की आंखों से कम दिखाई देने की समस्या सामने आने पर जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि बालिका का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोहरथाना में करवाया जाए। उन्होंने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
वैकल्पिक स्कूल एवं निर्माणाधीन नए भवन का किया निरीक्षण जिला कलेक्टर ने पिपलोदी गांव में वैकल्पिक स्थान पर संचालित राजकीय स्कूल का निरीक्षण कर बच्चों से संवाद किया तथा शिक्षा, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी प्रकार की कमी न आने दी जाए। इसके बाद जिला कलेक्टर ने निर्माणाधीन नए राजकीय स्कूल भवन का भी स्थल पर जाकर निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित संवेदक को निर्देश दिए कि भवन का निर्माण मजबूत, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री से किया जाए।इस अवसर पर उपखंड अधिकारी पी.के. मित्तल, विकास अधिकारी कैलाश मीणा, पूर्व प्रधान पृथ्वी सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि ग्राम पिपलोदी में स्कूल भवन गिरने से हुए हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने गांव का दौरा किया।


