सतना कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अनुराग वर्मा ने मंगलवार को समय-सीमा (टीएल) बैठक ली। इस दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें एक हजार दिन से अधिक समय से लंबित पाए जाए पर 17 कार्यालय प्रमुख अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। कलेक्टर अनुराग वर्मा ने नोटिस में कहा है कि एक हजार दिवस से अधिक अवधि की सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का निराकरण किए जाने के संबंध में बार-बार निर्देश दिए जा रहे हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि आप सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में गंभीरता से रुचि नहीं ले रहे हैं। यह सरकारी कार्य के प्रति उदासीनता एवं शिथिलता को दर्शाता है। नोटिस मिलने के 7 दिन के अंदर अधिकारियों से कारण सहित जवाब मांगा गया है। वहीं, मत्स्य उद्योग के सहायक संचालक अंजना सिंह को बैठक में अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे तीन दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। नोटिस में कलेक्टर ने कहा है कि समय-सीमा बैठक में विभागीय समीक्षा के दौरान बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए जाने पर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा नहीं की जा सकी। इन अधिकारियों को नोटिस दिया गया राहुल सिलाडिया (एसडीएम सिटी, रघुराजनगर), एलआर जांगडे (एसडीएम, रघुराजनगर ग्रामीण), एपी द्विवेदी (एसडीएम, नागौद), सुधीर बेक (एसडीएम एवं भू-अर्जन अधिकारी, उचेहरा), आरएन खरे (एसडीएम एवं भू-अर्जन अधिकारी, रामपुर बघेलान), जितेन्द्र वर्मा (एसडीएम एवं भू-अर्जन अधिकारी, मझगवां), नजूल अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी एवं उपभोक्ता संरक्षण को नोटिस भेजा गया। इसी तरह एलके तिवारी (सीएमएचओ, सतना), मनोज शुक्ला (सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय), कमलेश्वर सिंह (जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग), प्रमिला कुमार मिश्रा (अधीक्षण यंत्री, विद्युत मण्डल), सौरभ सिंह (महिला एवं बाल विकास), संजय श्रीवास्तव (अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी), नेहा पीयूष तिवारी (जिला विपणन अधिकारी), टीएन टेकाम (जिला कोषालय अधिकारी) और पंकज बोरसे (जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश स्टेट सप्लाईज कार्पोरेशन, सतना) को भी नोटिस थमाया गया है।


