बिजली निगम संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशव्यापी आह्वान पर विद्युत निगमों में विभिन्न प्रक्रियाओं एवं मॉड़ल के नाम पर किए जा रहे निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अधिकारी, अभियन्ता एवं कर्मचारियों द्वारा एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही 20 दिसम्बर को जयपुर स्थित विद्युत भवन पर आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया। निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 25 नवम्बर तक को उपखण्ड़ स्तर पर एवं 29 नवम्बर को जिला स्तर पर निजीकरण पर रोक लगाने एवं पुरानी पेंशन योजना के तहत कटौती शुरू किये जाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपे गए थे। इसके बाद 11 दिसंबर को भी विद्युत कर्मियों द्वारा काली पट्टी बाँधकर विरोध जताया गया था। भारतीय मज़दूर संघ से सम्बद्ध जयपुर विद्युत वितरण श्रमिक संघ के डिस्कॉम महामंत्री हेमन्त कुमार त्रिवेदी ने कहा कि जिले के विद्युत अधिकारी, अभियन्ता एवं कर्मचारियों द्वारा निजीकरण के विरोध में एवं जीपीएफ कटौती शुरू किए जाने की मांग को लेकर 20 दिसम्बर को जयपुर स्थित विद्युत भवन पर आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। श्रमिक संघ के डिस्कॉम अध्यक्ष गोविंद पालीवाल ने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा विद्युत निगमों का तेजी से विभिन्न प्रक्रियाओं एवं मॉड़ल के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है, जो किसी भी स्थिति में कर्मचारियों एवं आमजन के लिए उचित नहीं है। बिजली वर्कर्स फेडरेशन के जिला महासचिव रजनीश शर्मा ने कहा कि सभी बिजलीकर्मी अधिक से अधिक संख्या में जयपुर में आयोजित प्रदर्शन में एकजुट होकर शामिल हों। इस अवसर पर जिले के विविध संगठनों से बनी विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, अधिकारियों सहित कर्मचारी मौजूद रहे।


