छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में इनामी नक्सल दंपती ने आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों माओवादियों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था। ये दोनों नक्सली लीडर हिडमा के पूवर्ती गांव (सुकमा जिले) निवासी थे। इनामी नक्सल दंपती ने कवर्धा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। दोनों नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। बोड़ला एरिया कमेटी में डिप्टी कमांडर था आत्मसमर्पित नक्सली कवर्धा पुलिस ने बताया कि ये दोनों नक्सली बोड़ला एरिया कमेटी में सक्रिय थे। सरेंडर करने वाले नक्सली का नाम रमेश उर्फ मेशाह है, जो बोड़ला एरिया कमेटी में डिप्टी कमांडर था। उनकी पत्नी रोशनी शामिल है। दोनों ने छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे दोनों नक्सली कवर्धा पुलिस के अनुसार ये दोनों नक्सली लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे। 2009 में नक्सल संगठन से जुड़ने के बाद, 2015 से 2019 तक ये पति-पत्नी बोड़ला एरिया कमेटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। 2019 के बाद से रमेश नक्सली संगठन की मिलिशिया में काम कर रहा था। इन दोनों पति-पत्नी पर सरकार ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। प्रशासन ने पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं देने का दिया आश्वासन आत्मसमर्पण के बाद कलेक्टर गोपाल वर्मा और एसपी धर्मेंद्र सिंह ने उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदान की और पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं देने का आश्वासन दिया। अब तक कबीरधाम पुलिस के समक्ष कुल 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 4 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं। ये सभी नक्सली छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ में नक्सली सरेंडर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए कोंडागांव में 5 लाख के इनामी नक्सली-कमांडर ने किया सरेंडर:25 साल से नक्सली संगठन में था सक्रिय, बम-बंदूक बनाने में माहिर कोंडागांव में 5 लाख के इनामी नक्सली कमांडर ने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पित नक्सली कमलदास उत्तर बस्तर डिविजन की टेक्निकल टीम एरिया कमेटी में कमांडर के पद पर कार्यरत था। नक्सलियों की खोखली विचारधारा से तंग आकर उसने आत्मसमर्पण कर दिया। पढ़ें पूरी खबर….


