भास्कर न्यूज | अम्बिकापुर ईसा मसीह, पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी और पं. मदनमोहन मालवीय की जयंती पर तुलसी साहित्य समिति ने शायर-ए-शहर का आयोजन िकया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ व्याख्याता सच्चिदानंद पांडेय, विशिष्ट अतिथि कवि चंद्रभूषण मिश्र, प्रताप पांडेय, पूर्णिमा पटेल और आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर रहे। संचालन कवि अजय सागर ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ तुलसीकृत रामचरितमानस, बंशीधर लाल रचित सरगुजिहा रामायण और मां सरस्वती की सामूहिक पूजा-अर्चना से हुआ। सरस्वती-वंदना की दिलकश प्रस्तुति कवयित्री व अभिनेत्री अर्चना पाठक ने दी। आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर ने कहा कि ईसा मसीह परमेश्वर के पुत्र थे। तोमर ने उन्हें ईश्वर को प्रेमस्वरूप बताया और तत्कालीन यहूदी धर्म की पशुबलि प्रथा और कर्मकांड का प्रबल विरोध किया। यह बात यहूदी पुरोहितों को नागवार गुज़री और उन्होंने यीशु को पकड़वाकर उन्हें शूली पर लटकवा दिया। संस्था के अध्यक्ष दोहाकर व शायर मुकुंदलाल साहू ने क्रिसमस पर सभी ईसाई भाइयों को शुभकामनाएं देते हुए प्रभु ईसा मसीह पर दोहा प्रस्तुत किया। यीशु महान जग के उद्धारक वही, हैं करुणा की खान। जिसके बाद श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई। भावनाओं को कविता के माध्यम से किया बखान कवि प्रताप पांडेय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटलविहारी वाजपेयी के विषय में कहा कि उन्होंने तीन बार देश का कुशल नेतृत्व किया। वे एक श्रेष्ठ कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता थे। उनकी कविताओं में देश के प्रति समर्पण, प्रेम और निष्ठा साफ झलकती है। सच्चिदानंद पांडेय ने भारत रत्न पं. मदनमोहन मालवीय के संबंध में कहा कि वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी, श्रेष्ठ पत्रकार, वकील, समाज सुधारक, शिक्षाविद्, संपादक और कुशल वक्ता थे। उन्होंने सम्पूर्ण जीवन भारत माता की सेवा में समर्पित कर दिया।


