कस्टम में देरी का असर:जाते हैं इंदौर से… और लौटते हैं दिल्ली-मुंबई रूट से

एयरपोर्ट पर मंगलवार को एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक हुई। इसमें शारजाह-इंदौर फ्लाइट से आने वाले लोगों के साथ कस्टम में आ रही परेशानियों का मुद्दा उठा। पिछले दिनों एयरपोर्ट पर यात्री को चूहे ने काटा था। उसे लेकर भी एयरपोर्ट प्रबंधन के अधिकारियों से सवाल-जवाब हुए। दोबारा ऐसी घटना नहीं हो इसके लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इस पर भी बातचीत की गई। यात्रियों को पार्किंग में आ रही दिक्कतों को लेकर भी चर्चा कर त्वरित निर्णय लेने के लिए कहा गया। कई अन्य बिंदुओं पर भी बातचीत हुई। एयरपोर्ट पर पार्किंग, वाहनों की भीड़, जाम का मुद्दा भी उठा। एयरपोर्ट के बाहर बस स्टैंड की तरह प्राइवेट कार वाले आवाज लगाते हैं कि कहां जाना है। राहुल गोयल बंटी ने सुझाव दिया कि दो पुलिसकर्मियों की स्थायी नियुक्ति की जाए, जिससे व्यवस्थाएं बनी रहे। पार्किंग गेट से जल्द से जल्द वाहनों को निकाला जाए, इसकी व्यवस्थाएं हो क्योंकि सात मिनट फ्री पार्किंग है लेकिन नंबर आते-आते समय हो जाता है। वैकल्पिक तौर पर बिजासन की ओर वाले गेट पर भी पार्किंग गेट लगाकर इसे शुरू किया जाए ताकि यात्रियों को सुविधा मिले। एयरपोर्ट प्रबंधन ने समस्या के निराकरण की बात कही। चूहा कांड पर प्रबंधन ने कहा- लगातार पेस्ट कंट्रोल करवा रहे
चूहा कांड पर सांसद लालवानी ने कहा इस घटना के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने क्या कदम उठाए हैं? एयरपोर्ट डायरेक्टर वीके सेठ ने कहा हमने कंपनी पर जुर्माना किया है। लगातार तीन दिन तक पेस्ट कंट्रोल करवाया। अब लगातार पेस्ट कंट्रोल करवाया जा रहा है। जिस यात्री के साथ यह हुआ था, हमने उससे बात की और माफी भी मांगी थी। उधर, एयरपोर्ट पर गंदे वॉशरूम का मुद्दा भी एक सदस्य ने उठाया। कहा कि सफाई को लेकर कमी है। सफाई का खास ध्यान रखा जाए।
हिमांशु राय : आईआईएम इंदौर में दुबई से दो बार में करीब 80 लोग आए थे। उनका फीडबैक था कि कस्टम क्लियर करने में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लग जाता है। जो चेन यात्रियों ने पहनी है, उसके बारे में पूछा जाता है, कब खरीदी है? बिल दिखाइए। यात्रियों का प्रतिक्रिया होती है कि अब तो मुंबई, दिल्ली से आएंगे। जांच के नाम पर अनावश्यक परेशान करना गलत
इधर… जीडीएफ मिडिल ईस्ट के चेयरमैन चंद्रशेखर भाटिया (दुबई) ने कहा, बड़ी संख्या में लोग इंदौर आते हैं, लेकिन अधिकांश का फीडबैक यही आता है कि इंदौर एयरपोर्ट पर कस्टम से उन्हें काफी परेशानी आती है। हम इंदौर के जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के समक्ष भी यह मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने कहा, कस्टम जांच करे, यह जरूरी भी है, लेकिन जांच के नाम पर अनावश्यक परेशान करना गलत है।
बैठक में विशाल गिदवानी, पवन चेलानी सहित अन्य लोग मौजूद थे। यात्रियों से पहनी हुई चेन के भी बिल मांगे जा रहे शंकर लालवानी (एडवाइजरी कमेटी के अध्यक्ष और सांसद) : इंदौर एयरपोर्ट से दीपावली बाद शारजाह फ्लाइट सातों दिन चलेगी। यह बड़ी सौगात है, लेकिन यात्री कहते हैं कि जितनी परेशानी इंदौर एयरपोर्ट पर कस्टम की आ रही है, देश के दूसरे एयरपोर्ट पर इतनी परेशानी नहीं है। कस्टम क्लियरेंस में उन्हें डेढ़ घंटे या इससे ज्यादा का समय लग रहा है। मप्र ट्रैवल्स एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्रसिंह जादौन ने कहा सभी एयरलाइंस को इंदौर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद यह अनाउंसमेंट करना जरूरी है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आपका स्वागत है। बहुत कम फ्लाइट यह अनाउंसमेंट कर रही हैं। इस पर सांसद ने कहा कुछेक फ्लाइट में ही यह अनाउंसमेंट होता है। एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी सदस्य : हर व्यक्ति पर शक किया जाता है। सोना, घड़ी, ब्रेसलेट कब खरीदा, इसका पुराना बिल कहां से लाएं। इंदौर से यात्री शारजाह जाना पसंद करता है लेकिन शारजाह से इंदौर आना नहीं। इसी वजह से आने का फेयर सस्ता होता है। कई मौके पर यह बात भी आई कि कस्टम ने जो सामान रखा, उसे तीन-चार महीने बाद वापस किया। कस्टम अधिकारी : चेकिंग जरूरी है। हर किसी को ऐसे ही नहीं छोड़ा जा सकता है। चेकिंग के दौरान हर फ्लाइट में हम 2.5 लाख रुपए की ड्यूटी भरवा रहे हैं। बैगेज स्कैन और चेकिंग साथ-साथ होती है। इस वजह से कस्टम में समय लगता है। हमने एयरपोर्ट प्रबंधन से दूसरी मशीन लगाने के लिए कहा है। यात्री के बिल-इनवॉइस दिखाने पर हम अगले ही दिन सामान दे देते हैं।

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