भास्कर न्यूज | अमृतसर तर्कशील सोसायटी ने मजीठा में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों को सरकार की प्रशासनिक और राजनीतिक नाकामी बताया। सोसायटी ने इसे हत्या करार देते हुए आरोपियों और उनके राजनीतिक संरक्षकों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त सजा देने की मांग की। इस संबंध में सोसायटी की ओर से बैठक की गई। इसमें जसपाल बासरके, प्रिंसिपल मेला राम, एडवोकेट अमरजीत बाई, मास्टर बलदेव राज वेरका, दमनजीत कौर और सुमित ने कहा कि अगर पंजाब पुलिस ने समय रहते जहरीली शराब बेचने वालों और उनके राजनीतिक संरक्षकों पर कार्रवाई की होती, तो गरीब लोगों की जानें बचाई जा सकती थीं। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट बनकर रह गई है। सोसायटी ने कहा कि पुलिस की नाकामी से हुई मौतों के बदले मुआवजा देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। नेताओं ने सरकार की कॉरपोरेट समर्थक नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, साफ पानी, स्वच्छ वातावरण, सड़क, सीवरेज और भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने में पूरी तरह नाकाम रही है। इस मौके पर राज कुमार वेरका, सुखमीत सिंह, हरजिंदर, रमेश जैन मौजूद थे।


