छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रेत माफिया बेलगाम हो गए हैं। चारामा विकासखंड के भूईंगांव में महानदी से अवैध रेत खनन धड़ल्ले से चल रहा है। माफिया दिन-रात चेन माउंटेन मशीनों से रेत निकाल रहे हैं। रेत से भरे हाईवा ट्रकों की लगातार आवाजाही से गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सड़कों पर उड़ती धूल और कीचड़ से ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। उनके स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। एनजीटी के नियमों के विपरीत चल रहे इन खदानों पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। मशीनों से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध के बावजूद माफिया सैकड़ों ट्रकों में रेत की ढुलाई कर रहे हैं। रेत माफिया और ग्रामीणों के बीच रोजाना विवाद की स्थिति बनती है। खनिज विभाग के अधिकारियों की उदासीनता का फायदा उठाकर तस्कर बेरोकटोक खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को आवेदन सौंपा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति इतनी गंभीर है कि खदानों पर खून-खराबे की नौबत आ सकती है। सूत्रों के अनुसार, यदि खदान बंद नहीं की गईं तो ग्रामीण उग्र आंदोलन कर सकते हैं।


