डूंगरपुर में कांग्रेस ने गैती, फावड़ा और तगारी लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शनिवार को कलेक्ट्री पर हुई इस रैली में मनरेगा योजना को खत्म करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई। वीबीजी रामजी योजना को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और पदाधिकारी कांग्रेस कमेटी कार्यालय में एकत्रित हुए। विधायक और जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा, पूर्व उपजिला प्रमुख प्रेमकुमार पाटीदार, राकेश रोत और कैलाश सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में गैती, फावड़ा और तगारी लेकर रैली में शामिल हुए। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यह रैली कलेक्ट्री पहुंची। कलेक्ट्री पर प्रदर्शन के दौरान विधायक और जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को खत्म करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गरीब, पिछड़े और दलित विरोधी है। गांवों में रहने वाले गरीब मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घोघरा ने बताया कि मनरेगा का नाम बदलकर उसे खत्म किया जा रहा है। कांग्रेस सरकार के समय 150 दिन का रोजगार मिलता था, जो अब घटाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसमें भी कई लोगों को 50 दिन का रोजगार भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब गांव और काम देखकर ही स्वीकृति जारी करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा के तहत लोगों को भुगतान नहीं मिल रहा है। मजदूर, मेट और कारीगर सभी का भुगतान अटका हुआ है। पेंशन बंद कर दी गई है और नए कामों की स्वीकृति भी नहीं मिल रही है। विधायक घोघरा ने प्रशासन पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कलेक्टर और सीईओ ने काम की स्वीकृतियां जारी नहीं कीं और लोगों को रोजगार नहीं मिला, तो वे कलेक्ट्री पर अधिकारियों को बंद करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने मनरेगा योजना में लोगों को रोजगार देने की मांग की।


