कांग्रेस का सवाल- सीजफायर में अमेरिका का क्या रोल:पीएम मोदी-जयशंकर जवाब दें, कश्मीर पर चर्चा सिर्फ भारतीय संसद में ही हो सकती है

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस पार्टी पूछ रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा क्यों की? ऐसा पहली बार हो रहा है। पीएम मोदी इस पर कुछ नहीं बोलते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कहते हैं कि अमेरिका की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण थी कि उनकी वजह से ही यह युद्ध रुका। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर इसका जवाब भी नहीं देते हैं। हम लगातार पूछ रहे हैं कि पीएम मोदी और विदेश मंत्री इस बात का जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं कि अमेरिका की भूमिका क्या है?” उन्होंने कहा, “कश्मीर पर चर्चा सिर्फ भारतीय संसद में ही हो सकती है। इस पर मध्यस्थता करने का अधिकार किसी को नहीं। हम अपनी सेना के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। हम आतंकवाद के खिलाफ और पाकिस्तान के खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही है उसका पूरा समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस देशभर में जय हिंद रैलियां निकालकर सीजफायर और डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाएगी। हमने यह भी मांग की है कि एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। दो सर्वदलीय बैठकें हुईं, लेकिन पीएम मोदी दोनों बैठक में मौजूद नहीं थे, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा है।” सीजफायर के जवाब में कांग्रेस का पोस्टर- इंदिरा होना आसान नहीं भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सीजफायर का ऐलान किया गया था। इसके एक दिन बाद कांग्रेस ने दिल्ली में हेडक्वार्टर के बाहर ‘इंदिरा होना आसान नहीं’ वाला पोस्टर लगाया। इस पोस्टर के साथ ही 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के सरेंडर वाली तस्वीरें भी लगाईं। पोस्टर में इंडिया मिस इंदिरा (भारत इंदिरा को याद कर रहा है) की बात भी लिखी गई। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाने का अनुरोध किया है। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने भारत-पाक के बीच अमेरिका की मध्यस्थता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- अमेरिका दो दिन पहले कहता है कि इस मसले से उसका कोई लेना देना नहीं है, फिर अचानक वॉशिंगटन से सीजफायर की घोषणा होती है, जो कई सवाल खड़े करती है। पायलट बोले- सरकार बताए कि सीजफायर किन शर्तों पर हुआ है
सचिन पायलट ने भी कहा- भारत सरकार को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और जो पिछली दो मीटिंग में नहीं हुआ। उस पर बात करनी चाहिए। प्रधानमंत्री को इस सर्वदलीय बैठक में आना चाहिए और पूरे देश और दलों को विश्वास में लेना चाहिए, क्योंकि सभी दलों ने अपनी विचारधारा को परे रखते हुए भारत सरकार को संपूर्ण समर्थन दिया था। पिछली जो सर्वदलीय बैठकें हुईं, उसमें प्रधानमंत्री नहीं आ पाए थे, ऐसे में एक और सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, ताकि देश और विपक्ष को एक विश्वास मिले। सरकार को बताना चाहिए कि सीजफायर किन शर्तों पर हुआ है? क्या गारंटी है कि भविष्य में इस प्रकार की घटना को अंजाम नहीं दिया जाएगा? ट्रम्प के कश्मीर पर बयान से पाकिस्तान खुश: अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था- हजार साल पुराना मुद्दा सुलझाने की कोशिश करूंगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कश्मीर पर दिए बयान से पाकिस्तान ने खुशी जताई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि दक्षिण एशिया में शांति के लिए कश्मीर मुद्दा सुलझना जरूरी है। वह ट्रम्प की इस बयान की सराहना करते हैं। दरअसल, ट्रम्प ने रविवार सुबह कहा कि वे भारत और पाकिस्तान के साथ मिलकर कश्मीर के मुद्दे का हजार साल बाद हल निकालने की कोशिश करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

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