जिला पंचायत दुर्ग में बुधवार को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित सरस्वती बंजारे निर्विरोध जीत गई। कांग्रेसी अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में उतरने से पहले ही हार मानकर बैठ गए। कांग्रेस से किसी ने नामांकन तक नहीं लिया। वहीं जब उपाध्यक्ष पद के नामांकन की बारी आई तब कांग्रेसी एक्टिव हुए। देवेंद्र चंद्रवंशी को मैदान में उतारा। वहीं भाजपा ने उपाध्यक्ष के लिए पवन शर्मा पर दांव खेला और 3 वोट से जीत हासिल कर उपाध्यक्ष पद भी कब्जा जमा लिया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित जिला पंचायत सदस्यों में लगभग सभी नए चेहरे हैं। जिला पंचायत दुर्ग में 12 सदस्य हैं। यहां अध्यक्ष का पद एससी महिला के लिए आरक्षित है, जिसके चलते भाजपा ने पहले से सरस्वती बंजारे का नाम तय कर लिया था। चुनाव जीत कर आने वाले 12 जिला पंचायत सदस्यों में से 6 भाजपा और 5 कांग्रेस समर्थित हैं। सिर्फ एक प्रिया साहू निर्दलीय जीती हैं। इन्हीं के हाथ में जीत और हार का अंतिम फैसला था। प्रिया साहू ने भाजपा को अपना समर्थन दिया। पूरे चुनावी प्रक्रिया में कांग्रेस की एक सदस्य उषा सोनवानी वोट देने के लिए ही नहीं आई। उनका मोबाइल नंबर मंगलवार की शाम से बंद है। वह कहां गई है, घरवालों को भी पता नहीं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि उनके सदस्य का अपहरण हुआ है। पुलिस में शिकायत भी की गई है। इसलिए कांग्रेस के 5 सदस्य होने के बाद भी 4 वोट ही मिले। निर्दलीय ने भाजपा को समर्थन दिया, इसलिए भाजपा को उपाध्यक्ष पद के लिए 7 वोट मिले।


