केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हाल ही में संसद में हुई घटनाओं को लेकर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा- कांग्रेस के नेताओं ने जो आचरण किया, वो अनवांटेड (अनावश्यक), अनएक्सपेक्टेड (अप्रत्याशित), अनडिजाइअर्ड (अवांछित) और अनएक्सपेक्टबल (अनपेक्षित) है। वो किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत में जब लोकतंत्र 75 वर्ष का हो गया है, तब इस तरह का कृत्य अक्षम्य है। यह आचरण संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री शेखावत जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शनिवार को ‘पधारो म्हारे देश भारत’ शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान मंत्री ने शुक्रवार को जयपुर के अजमेर रोड स्थित भांकरोटा में हुई सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक’ बताते हुए कहा- यह हादसा उन सभी के लिए एक गहरी चोट है। इनका जीवन इससे प्रभावित हुआ है। पीड़ितों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। दिवंगत आत्माओं के परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति मिले। हम सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। महाकुंभ मेले में शामिल होंगे 45 करोड़ लोग प्रयागराज में अगले महीने आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा- यह आयोजन विश्व का सबसे बड़ा मानव एकत्रीकरण होगा। महाकुंभ में 45 करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान है। शेखावत ने कहा- भारत और उत्तर प्रदेश सरकार इस आयोजन को सफल बनाने के लिए मिलकर काम कर रही है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि महाकुंभ में आने वाले सभी लोग ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का अनुभव करें। ‘पधारो म्हारे देश भारत’ सम्मेलन का आयोजन जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शनिवार को ‘पधारो म्हारे देश भारत’ शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ। मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे एक आंदोलन बताया, जो ‘मेरा देश, मेरी ज़िम्मेदारी, मेरा गौरव’ के मंत्र को साकार करता है। शेखावत ने कहा- देश की ताकत उसकी युवा पीढ़ी के नवाचार और ऊर्जा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल’ के विज़न के तहत हमें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।’ उन्होंने ‘क्लीन एयर एंड ब्लू स्काईज’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल के तहत 50,000 फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना और युवाओं को सशक्त बनाना है। नार्ली ट्रूप ग्लोबल फेडरेशन के अध्यक्ष अमरजीत सिंह नार्ली ने बताया कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने और स्थिरता के लिए युवाओं को प्रेरित करने का एक मंच है। कार्यक्रम में हवामहल विधायक बालमुकुन्दाचार्य, आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर खराड़ी भी शामिल हुए। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन (21-23 दिसंबर, 2024) में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पैनल चर्चाओं और पुरस्कार वितरण के कार्यक्रम शामिल हैं। इसके तहत भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को आधुनिक दृष्टिकोण से समझने और वैश्विक नेतृत्व के लिए प्रेरित करने पर चर्चा होगी।


