छत्तीसगढ़ में हुए डीएमएफ घोटाले पर दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर पर सोशल मीडिया में सीनियर लीडर्स के बीच बयानबाजी शुरू हो गई। भास्कर ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए इस घोटाले में कमीशनबाजी का खुलासा किया था। ये खबर वरिष्ठ पत्रकार ने एक्स पर पोस्ट की थी। इसे जयराम रमेश ने री-पोस्ट किया और ट्रोल हुए। फेसबुक पर मप्र के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने खबर के साथ पत्रकार दयाशंकर मिश्रा की लिखी पोस्ट री-पोस्ट की। लिखा, छत्तीसगढ़ में घोटाला सामने आया है। इसका छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जवाब दिया। , इस लूट और घोटाले का श्रेय आपकी पूर्ववर्ती सरकार को ही जाता है। बीजेपी छत्तीसगढ़ ने भी अपनी प्रोफाइल पर इसे री-पोस्ट करते हुए भूपेश सरकार को ट्रोल किया। लिखा, कद्दू कटेगा- सबमें बंटेगा। भूपेश के भ्रष्ट गैंग में सबको यही भरोसा था। पढ़िए, सोशल मीडिया में किसने क्या लिखा… छत्तीसगढ़ में व्यवस्थित घोटाला सामने आया है। रिश्वत के लिए नए नियम बनाए गए। कलेक्टर 57 करोड़ से ज्यादा की रिश्वत ले रहे हैं, आदिवासियों के विकास की कहानी इसी तरह लिखी जा रही है। सरकार का ध्यान नफरत की खेती पर है। – दिग्विजय सिंह आपने समाचार की हेडिंग पढ़ी, समाचार नहीं पढ़ा। इस लूट और घोटाले का ‘श्रेय’ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ही जाता है। भाजपा सरकार में इन सभी पर कड़ी कार्रवाई हुई। कोई जेल में है तो कोई जमानत पर। आपको साधुवाद। – विजय शर्मा छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार का फल खुलेआम कट भी रहा है और भ्रष्टाचारियों में बंट भी रहा है। ये है भाजपा का ‘एक हैं, तो सेफ हैं’ छत्तीसगढ़ मॉडल। डीएमएफ घोटाले में अफसरों के लिए बाकायदा घूस का रेट…।
– टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री छत्तीसगढ़ क्या है मामला कांग्रेस की सरकार में डीएमएफ से 575 करोड़ के काम मंजूर किए गए। इन मंजूरियों के लिए जमकर कमीशन बांटा गया। कलेक्टर से निचले लेवल तक कमीशन फिक्स किया गया। एसीबी ने इस मामले की जांच कर चालान पेश किया। इसमें बताए गए कमीशखोरी के सिस्टम को दैनिक भास्कर ने उजागर किया। यह खबर सोशल मीडिया में दिनभर ट्रेंड में रही।


