छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने इस साल होने वाले चार राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। भूपेश बघेल फिलहाल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हैं और पंजाब के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। असम में बीजेपी सरकार, कांग्रेस की कड़ी चुनौती असम में इस समय भाजपा की सरकार है और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हैं। राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस ने चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए अनुभवी नेताओं को मैदान में उतारा है। असम चुनाव के लिए भूपेश बघेल के साथ डीके शिवकुमार और बंधु तिर्की को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है। चार राज्यों में पर्यवेक्षक, छत्तीसगढ़ से दो बड़े चेहरे कांग्रेस ने अलग-अलग राज्यों के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। छत्तीसगढ़ के ही एक और बड़े नेता और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट को केरल विधानसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं टीएस सिंहदेव को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरपर्सन घोषित किया गया है। पहले भी निभा चुके हैं अहम चुनावी भूमिकाएं यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने भूपेश बघेल को किसी बड़े चुनावी जिम्मेदारी सौंपी हो। इससे पहले उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने स्टार प्रचारक बनाया था। 40 स्टार प्रचारकों की सूची में मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अशोक गहलोत जैसे दिग्गज नेताओं के साथ उनका नाम शामिल था। इसके अलावा कांग्रेस ने बिहार चुनाव में उन्हें सीनियर ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी भी दी थी। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के रायबरेली चुनाव अभियान में भी भूपेश बघेल को पर्यवेक्षक बनाया गया था, जहां कांग्रेस को बड़ी जीत मिली थी। कई राज्यों में निभा चुके हैं चुनावी भूमिका भूपेश बघेल इससे पहले हिमाचल प्रदेश, झारखंड, असम, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के चुनावों में भी पार्टी के लिए अहम भूमिका निभा चुके हैं।


