कोटपूतली-बहरोड़ जिले के मांढण थाने में रविवार देर रात काठूवास टोल प्लाजा पर टोल कर्मी ने बाइक लूटने, जान से मारने का प्रयास करने और जाति सूचक शब्दों से प्रताड़ित करने का मामला दर्ज करवाया है। मामला 25 अप्रैल का है। आरोप लगाया कि नीचे पड़ी चाबी नहीं देने से नाराज होकर बदमाशों ने लाठी डंडों से पीटा। चाबी उठाने से मना किया तो पीटा, चोरी का आरोप लगाया बहरोड़ डीएसपी कृतिका यादव ने बताया-काठूवास निवासी राहुल पुत्र रमेश ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि वो 25 अप्रैल की रात को काठूवास टोल पर ड्यूटी पर गया था। कुछ समय बाद वो पास में स्थित होटल पर चला गया। यहां कुछ लोग आकर बोले कि नीचे चाबी पड़ी हुई है, इसे उठाकर दे दे। मैंने मना कर दिया। इसी बात को लेकर मेरे साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि ट्रक में जा, यदि नहीं जाएगा तो मारेंगे। मुझ पर 10 हजार रुपए की चोरी करने का आरोप भी लगाया। मैंने कोई चोरी नहीं की। हमलावरों ने लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया। इसका वीडियो भी बनाया गया। मैंने मारपीट की शिकायत अगले ही दिन मांढण थाने में दी। लेकिन दूसरी पार्टी ने दबाव बनाकर समझौता लिखवा लिया। पुलिस ने राहुल का मेडिकल नहीं करवाया। बाइक, सोने की अंगूठी, चैन छीनने का आरोप रिपोर्ट में आरोप लगाया कि राहुल की बाइक को आरोपियों ने छीन लिया, सोने की अंगूठी और चैन भी लूट ली गई। पिटाई के डर से भागकर रेलवे की पटरियों के पास बने हुए गड्ढे में छिपकर ऊपर मिट्टी डाली और अपने आपको बचाया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसकी बगैर सहमति के ही समझौता लिखवा लिया गया। जबकि उस पर साइन भी नहीं है। अब वह कानूनी कार्रवाई चाहता है। क्योंकि हमलावरों से उसकी जान को और परिवार को खतरा बना है। मामले की जांच बहरोड़ डीएसपी कृतिका यादव कर रही है। टीकाराम जुली ने सरकार को घेरा इधर विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली ने मामले को लेकर एक्स पर लिखा- “राजस्थान में गुंडाराज, दलितों और गरीबों पर बढ़ते अत्याचार, ना पुलिस सुन रही और ना ही सरकार” उन्होंने बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।


