जिले के जांगला थाना क्षेत्र के जैगुर-डोडुम के बीच गुरुवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें जवानों ने 10 लाख के इनामी दो नक्सलियों को ढेर कर दिया। साथ ही मौके से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं। बताते हैं कि नक्सलियों की मौजूदगी के इनपुट पर डीआरजी की पार्टी सर्च ऑपरेशन पर रवाना हुई थी। इस बीच गुरुवार सुबह अचानक नक्सलियों की तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई, जिस पर जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में 5 लाख के इनामी भैरमगढ़ एरिया कमेटी के एसीएम हिचामी मड्डा और 5 लाख की इनामी एसीएम मनकी पोडियाम को जवानों ने मार गिराया। मौके से एक एसएलआर राइफल, तीन मैग्जीन, 55 राउंड, एक इंसास राइफल, 3 मैग्जीन और 19 राउंड समेत एक 12 बोर बंदूक, दो हैंड ग्रेनेड, दो देसी ग्रेनेड, डेटोनेटर, स्कैनर, बैटरी, दवा समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। मुठभेड़ के बाद डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, सीआरपीएफ और कोबरा की संयुक्त पार्टी ने इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। अब मासे बारसा का एके-47 संग समर्पण उत्तर बस्तर डिविजन के डीवीसीएम मल्लेश के बाद एरिया कमेटी मेंबर व उत्तर बस्तर डिविजन की सप्लाई टीम मेंबर मासे बारसा ने भी कांकेर पहुंच एसपी के समक्ष एके-47 के साथ सरेंडर कर दिया। इस बीच पुलिस को सूचना मिली है कि कुछ बिचौलिए नक्सलियों को गुमराह कर रहे हैं। पुलिस ने अब उनके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। एेसा पहली बार हुआ है, जब नक्सलियों को सरेंडर में मदद करने हेल्पलाइन नंबर जारी हुआ है। कांकेर जिले में सशस्त्र नक्सलियों के पूरी तरह खात्मे की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। लगातार नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। जिले में अब सिर्फ 21 नक्सली ही बचे हैं। इनमें परतापुर एरिया कमेटी के 13 तथा मिलिट्री कंपनी नंबर 5 के 9 नक्सली शामिल हैं। ये भी सरेंडर की तैयारी में हैं। डर की कोई बात नहीं, सीधे हमें कॉल करें: एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि सरेंडर करने का मन बना चुके नक्सलियों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। सरेंडर करने सीधे हमारे मोबाइल नंबर 9479194119 पर कॉल कर सकते हैं। हम उन्हें पूरी सुरक्षा देकर सरेंडर कराकर सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ देंगे। साल 2003 में संगठन में भर्ती हुई थी मासे बारसा
बीजापुर जिले की रहने वाली मासे बारसा साल 2003 में नक्सली संगठन में भर्ती हुई थी। वह दंडाकारण्य, अबूझमाड़ व उत्तर बस्तर कांकेर डिविजन में सक्रिय रही। पिछले कुछ दिनों से वह नारायणपुर व कांकेर जिले में सप्लाई टीम के सदस्य के रूप काम कर रही थी। इसके खिलाफ उक्त सभी जिले के थानों में अपराध दर्ज है। अंतिम बार वह कांकेर जिले के छिंदपदर के जंगल में थी, जहां से निकल 25 फरवरी की रात एसपी कार्यालय पहुंची। नक्सली मासे बारसा पर 5 लाख रुपए का ईनाम था।
इसके साथ ही एके-47 बंदूक साथ लाने पर यह कुल 9 लाख रुपए की ईनामी हो गई। उत्तर बस्तर डिवीजन की सप्लाई टीम में प्रमुख रूप से डीवीसीएम मल्लेश, सप्लाई मेंबर मासे बारसा तथा पार्टी सदस्य रानू पोड़ियाम ने 25 फरवरी को कांकेर जिला में सरेंडर किया। इनकी एक साथी महिला नक्सली लकेती ने दंतेवाड़ा में सरेंडर किया। चारों नक्सली कांकेर में सक्रिय नक्सलियों को हथियार बनाने की सामग्री समेत अन्य दैनिक जरूरतों तथा दवाइयों की सप्लाई करते थे।


