कारोबारी को 3 करोड़ का नोटिस, सिर्फ 75 लाख वसूला : मल्होत्रा 72 घंटे पहले एजेंडा नहीं दिया, हम आज हाईकोर्ट जाएंगे : सिक्का

लुधियाना कांग्रेस कमेटी (शहरी) ने नगर निगम द्वारा आयोजित सदन की बैठक के दौरान लिए गए अलोकतांत्रिक और संदिग्ध निर्णयों की कड़ी निंदा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि निर्वाचित पार्षदों को बैठक से पहले एजेंडा नहीं दिया गया। ऐसा करना न केवल लोकतंत्र का उल्लंघन है, बल्कि नगर परिषद की चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाता है। आम आदमी पार्टी की सरकार लोगों को भरोसा दिलाती थी कि सभी काम पारदर्शी तरीके से किए जाएंगे, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार लोगों की आवाज को दबाकर और अपनी मर्जी से प्रस्ताव पारित करके खुद को उन पर थोपना चाहती है। सवाल यह भी है कि देश में ब्लैकआउट और युद्ध की स्थिति के इस दौर में आपातकालीन सेवाओं आदि की योजना बनाने के बजाय 1054 विधेयकों को गुपचुप तरीके से पारित करने की जल्दबाजी क्यों थी?। कांग्रेस मांग करती है कि मता की प्रति सार्वजनिक की जाए। भास्कर न्यूज | लुधियाना नगर निगम हाउस की पहली मीटिंग में भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने मेयर और निगम अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेता विपक्ष शामसुंदर मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि एक कारोबारी को 3 करोड़ रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस देने के बाद मात्र 75 लाख वसूलने और फर्जी रसीदें काटने का मामला सामने आया है। मल्होत्रा ने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। वहीं, भाजपा पार्षदों ने एजेंडा 72 घंटे पहले न मिलने और 1054 प्रस्तावों को फर्जी तरीके से पास करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को नगर निगम हाउस की मीटिंग में पार्षदों ने जमकर हंगामा और धरना प्रदर्शन के बाद मेयर पर धक्केशाही के गंभीर आरोप लगाए। नेता विपक्ष शामसुंदर मल्होत्रा ने कहा कि नगर निगम का 32 साल में पहली बार प्रावधान का पालन नहीं किया गया। एफएंडसीसी के प्रस्ताव जानबूझकर पार्षदों के सामने नहीं लाए गए। उन्होंने कहा कि एक प्रस्ताव में 2.5-2.5 लाख के कामों को सेन्शन करने का अधिकार दिया गया, जबकि यह पावर सिर्फ हाउस के पास है। मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि जोन सी में एक कारोबारी को क्लर्क और पहले क्लर्क व बेलदार ने मिलकर 3 करोड़ रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस जारी किया और बाद में 75 लाख रुपए में समझौता कर लिया। उनका कहना है कि रकम कम करने का अधिकार केवल टैक्स कमेटी के चेयरमैन को है, लेकिन सेटिंग के तहत ऐसा किया गया। इस मामले में 30-35 लाख रुपए की फर्जी रसीदें भी काटी गईं, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। ये प्रस्ताव भी मंजूर हुए- -मृतक कर्मचारियों के निकटतम परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। कर्मचारियों की पदोन्नति/कल्याण से संबंधित कई अन्य प्रस्तावों को भी सामान्य सदन द्वारा अनुमोदित किया गया। मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने कहा कि ओवरएज कर्मचारियों, बेलदारों/माली/ड्राइवरों की लंबे समय से लंबित मांग को अब एमसी के जनरल हाउस द्वारा मंजूरी दे दी गई है। उनकी नौकरियों को नियमित करने के प्रस्तावों को सामान्य सदन द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है तथा इन्हें अब आगे की कार्यवाही के लिए स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जाएगा।

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