कार्डियक अरेस्ट तब होता है, जब दिल का इलेक्ट्रिक सिस्टम फेल हो जाता है। दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। इससे शरीर में खून और ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है। व्यक्ति कुछ ही मिनटों में बेहोश हो जाता है। उसकी मौत हो सकती है। ऐसे व्यक्ति को सीपीआर मिलने में हर एक मिनट की देरी मौत के खतरे को 10 प्रतिशत तक बढ़ाती जाती है। जबकि पांच मिनट के अंदर यदि उसे सीपीआर मिल जाए तो उसके बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। सिटी रिपोर्टर | रांची कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते मामलों को देखते हुए रोटरी क्लब ऑफ रांची ने इस दिशा में विशेष पहल की है। रोटरी क्लब ने रांची एयरपोर्ट को दो पोर्टेबल मशीनें ऑटोमैटेड डिफिब्रिलेटर उपलब्ध कराई है, जो कार्डियक अरेस्ट के समय व्यक्ति को लाइफ सपोर्ट देगी। एक मशीन ग्राउंड फ्लोर और दूसरी फर्स्ट फ्लोर पर रहेगी। दोनों ट्रॉली में इंस्टाल है, ताकि तुरंत उसे कहीं भी पहुंचाया जा सके। साथ ही एयरपोर्ट को अत्याधुनिक ईसीजी मशीन भी दी गई। एयरपोर्ट डायरेक्टर राघवेंद्र मौर्या ने कहा िक किसी भी आकस्मिक आवश्यकता में यह मशीन कारगर होगी। इससे कई बेशकीमती जान बचेगी। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बिपिन चाचन ने कहा कि भविष्य में भी हम पैसेंजर की सुविधा के लिए एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और भीड़ भाड़ वाले इलाके में इस प्रकार के कार्य करते रहेंगे। प्रोजेक्ट चेयरमैन डॉ. विनय ढानढनिया ने कहा कि कार्डियक अटैक आने पर इस मशीन के माध्यम से तुरंत इंसान में रिदम स्टार्ट कर सकते हैं। क्लब के अध्यक्ष गौरव बागरॉय, एयरपोर्ट के उप महाप्रबंधक प्रचालन मनोज प्रसाद सिंह, प्रवीण राजगढ़िया, धनंजय तिवारी, अनिल कश्यप व अन्य मौजूद थे।


