भास्कर न्यूज | कसडोल कार्य कोई भी करते रहो पर ध्यान हमेशा भगवान में होना चाहिए। उक्त बातें स्थानीय माता अन्नपूर्णा मंदिर में 18 फरवरी को एक दिवसीय रामायण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मारुति धाम देव घाट देवरघटा में प्रसिद्ध संत गोपाल दास महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि पति पत्नी शरीर दो है पर दोनों का प्राण एक होना चाहिए दोनों दूसरे को देवी और देवता की तरह मानना चाहिए। मनुष्य कोई भी कार्य करते रहे पर ध्यान हमेशा भगवान में होना चाहिए। तभी जीवन सार्थक होगा। मनुष्य योनि ही एक मात्र सीढ़ी है जिससे भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। ज्ञात हो कि पुराना बस स्टैंड, यूको बैंक के पास स्थित माता अन्नपूर्णा मंदिर में माता अन्नपूर्णा सामाजिक सेवा संस्थान द्वारा प्रति दिन निःशुल्क भोजन प्रसाद वितरण किया जाता है जिसे ग्रहण करने रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। वही मंदिर प्रांगण में समय समय पर सामाजिक एवं धार्मिक आयोजन भी किया जाता है। इसी कड़ी में रविवार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव लिंग में रुद्राभीशेक किया गया था तथा रामायण का आयोजन किया गया। इसी तरह 18 फरवरी को भी एक दिवसीय रामायण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें विभिन्न रामायण मंडलियों द्वारा भगवान श्री राम चंद्र जी की महिमा का गायन वाद्य यंत्रों द्वारा संगीत मय भजन कीर्तन किया गया। जिसे सुनकर श्रोता गण आनंदित हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मारुति धाम के महाराज संत श्री का उपस्थित लोगों ने पुष्प माला से स्वागत कर पद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्रात किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे। मारुति धाम से आए गोपाल दास महराज।


