मध्यप्रदेश में जिस अफसर के खिलाफ पांच दिन पहले देवास के खातेगांव थाने में कालाबाजारी की एफआईआर दर्ज हुई, उसे प्रदेश सरकार ने गृहमंत्री अमित शाह के हाथ से सम्मान दिलवा दिया। प्रदेश से दो लोगों का चयन किया गया था। । बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने नई दिल्ली में सहकार से समृद्धि कार्यक्रम (प्रत्येक पंचायत में बहुउद्देशीय सहकारी समिति) में 10,000 नव गठित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), डेयरी व मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारंभ किया था। कार्यक्रम में देवास जिले के कांजीपुरा पैक्स के सहायक सोसाइटी प्रबंधक सुरेश केवट और दूसरा देवास जिले के ही तिवड़िया पैक्स के सहायक सोसाइटी प्रबंधक हरिओम पंवार को माइक्रो एटीएम दिए गए। इन्हें ये सम्मान Rupay किसान क्रेडिड कार्ड और डोर स्टेप बैंकिंग सेवा को बढ़ावा देने के लिए दिया गया। इनमें देवास जिले के सोसाइटी प्रबंधक सुरेश केवट के खिलाफ खातेगांव में खाद्य विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इधर, मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार बैंक अधिकारियों का कहना है कि उनका चयन कैसे हुआ ये पता नहीं। खाद्य विभाग ने कराई थी अफसर पर एफआईआर
दरअसल, ये मामला प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की मॉनिटरिंग के दौरान उजागर हुआ था। खातेगांव की सेवा सहकारी संस्था कांजीपुरा में उचित मूल्य दुकान तमखान द्वारा उचित मूल्य दुकान का स्टॉक नवीन दुकान को ट्रांसफर नहीं किया। वहीं, पुराने स्टॉक का भी सत्यापन नहीं कराया गया था। इसके बाद आपूर्ति अधिकारी खातेगांव धर्मेंद्र शर्मा ने थाना खातेगांव में प्रबंधक सुरेश केवट पिता कालूराम केवट और विक्रेता विनोद योगी पिता संतोष योगी के खिलाफ थाने मामला दर्ज कराया था। राशन दुकान का स्टॉक नई दुकान को ट्रांसफर नहीं किया
पीओएस मशीन में प्रदर्शित मात्रा गेहूं 72.23 क्विंटल, चावल 29.62 क्विंटल का हस्तांतरण नवीन आवंटित दुकान को नहीं किया गया था। राशन की कालाबाजारी करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। खातेगांव टीआई विक्रांत झांझोट का कहना है कि कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी से मूल और सत्यापित दस्तावेज सहित अन्य जरूरी कागजात मांगे गए हैं। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैंक सीईओ ने कहा-सोसाइटी प्रबंधक की जिम्मेदारी नहीं
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक देवास के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परमजीत सिंह पुरी ने कहा, ‘वैसे भी यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं बल्कि संस्थागत था। समितियों के पुनर्निर्माण में देवास जिले ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था। कांजीपुरा सोसाइटी सबसे पहले (31 मार्च 2024 के पूर्व) बन गई थी। इसलिए इन्हें यह अवसर मिला। वैसे भी उचित मूल्य की राशन दुकान से अनाज की मात्रा कम मिलने पर सोसाइटी प्रबंधक की सीधे जिम्मेदारी नहीं होती।’ ब्रांच मैनेजर ने कहा-नाबार्ड ने की थी व्यवस्था
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की खातेगांव शाखा के प्रबंधक सुखलाल मौर्य का कहना है कि हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं थी कि सुरेश केवट को अमित शाह के हाथों माइक्रो एटीएम मिलने वाला है। खातेगांव क्षेत्र में सभी 7 नवीन गठित सोसाइटी के प्रबंधकों को कार्यक्रम के लिए दिल्ली बुलाया गया था। नाबार्ड ने इसकी व्यवस्था की थी। सुरेश केवट का चयन कैसे हुआ ये हमें नहीं पता। सहकारिता विभाग की ओर से हमें सुरेश केवट के खिलाफ करवाई गई एफआईआर की जानकारी भी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें खाद्य विभाग द्वारा कराई गई एफआईआर की जानकारी नहीं हैं। खाद्य अधिकारी बोले-अखबारों में छपी थी इसकी खबरें
एफआईआर कराने वाले अधिकारी धर्मेन्द्र शर्मा का कहना है कि हमारी जांच के बाद सहकारिता विभाग ने भी स्टॉक की जांच की थी। एफआईआर कराने की प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया था। मामला दर्ज होने के बाद जनसंपर्क विभाग की ओर से बकायदा प्रेसनोट जारी किया गया था। दैनिक भास्कर में प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित भी हुई थी। मुझे नहीं लगता कि इसके बाद सहकारिता विभाग के अधिकारियों को अलग से इसकी सूचना देने की आवश्यकता थी।


