किशनगढ़बास के मोठूका गांव में पानी की किल्लत:बोले-अधिकारियों को कई बार की शिकायत, गर्मी में बढ़ेगी परेशानी

किशनगढ़बास क्षेत्र की मोठूका ग्राम पंचायत स्थित सपेरा बस्ती पिछले 7-8 महीनों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रही है। यहां के ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कई शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। स्थानीय निवासी मानसिंह ने बताया-बस्ती में पानी की आपूर्ति लगभग ठप है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था बनी चुनौती गांव वालों ने बताया-भीषण गर्मी के कारण यह संकट और गहरा गया है। दिन चढ़ते ही हैंडपंप और पानी की टंकियां सूख जाती हैं। कई परिवारों को पानी की तलाश में सुबह तड़के या देर रात निकलना पड़ता है। पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। गर्मी में बढ़ेगी मांग बस्ती वासियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है, क्योंकि गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी बढ़ेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने, टैंकरों से पानी की व्यवस्था शुरू करने और खराब पड़े जल स्रोतों की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है, जो चिंताजनक है। अब सबकी नजर प्रशासन पर टिकी है कि वह सपेरा बस्ती के इस गंभीर पेयजल संकट का स्थायी समाधान कब तक सुनिश्चित करेगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *