किशनगढ़बास में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। ये शिविर पंचायत समिति किशनगढ़बास की ग्राम पंचायत मोठूका स्थित सपेरा बस्ती और नगर पालिका किशनगढ़बास क्षेत्र की भूरपहाड़ी लोहार बस्ती में हुए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा शैलेंद्र व्यास के आदेशानुसार और सचिव रणवीर सिंह के निर्देशानुसार इन शिविरों का आयोजन हुआ। पीएलवी कार्यकर्ताओं ने आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। शिविरों के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत में हर चार में से एक व्यक्ति किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि मानसिक स्वास्थ्य केवल उदासी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच, भावनाओं और व्यवहार के संतुलन से जुड़ा है। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के संभावित लक्षणों की जानकारी दी गई, जिनमें लगातार थकान रहना, नींद न आना, एकाग्रता में कमी और अकेलापन महसूस करना शामिल हैं। इनसे निपटने के लिए रोजाना कम से कम 10 मिनट ध्यान या श्वास अभ्यास करने, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी गई। लोगों को यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर मदद लेने में संकोच न करें। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 1800-599-0019 पर संपर्क करने की जानकारी भी साझा की गई। सपेरा बस्ती में आयोजित शिविर में पीएलवी सूरजभान कछवाहा, गुलाब शर्मा, मनीष कुमार, गजेंद्र, भारती, नेहा नानकनी, राजकुमार और मुनेश कुमार उपस्थित रहे। भूरपहाड़ी लोहार बस्ती के शिविर में पीएलवी मनीष कुमार के साथ सूरजभान कछवाहा, गुलाब शर्मा, किरण कुमारी आर्य, गजेंद्र, भारती, नेहा नानकनी और राजकुमार मौजूद थे। इन शिविरों के माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकरण ने समाज के वंचित वर्गों तक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुंचाने का प्रयास किया।


