किसानों को उपज का मिलेगा तुरंत भुगतान:गेहूं खरीद व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश

बूंदी जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत 10 मार्च से शुरू होने वाली गेहूं खरीद की समीक्षा बैठक गुरुवार को कृषि उपज मंडी सभागार में आयोजित की गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के शासन सचिव अम्बरीश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने गेहूं खरीद व्यवस्था को सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में शासन सचिव ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का भुगतान निर्धारित समय में सुनिश्चित करने के लिए ‘रिवाल्विंग फंड’ की व्यवस्था कर रही है। इस फंड के माध्यम से खरीद एजेंसियों को समय पर राशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसानों को खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को प्रतिदिन और खरीद एजेंसियों को हर सप्ताह उनकी राशि का भुगतान हो। पोर्टल पर आ रही पंजीयन संबंधी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शासन सचिव ने जिला रसद अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर आढ़तियों की संख्या के अनुसार विभाजन किया जाए, जिससे किसानों को पंजीयन में तकनीकी बाधाओं का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को खरीद के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने और आवश्यकता पड़ने पर किसानों की सुविधा के लिए नए खरीद केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। शासन सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि खरीद के ‘पीक सीजन’ के दौरान दबाव कम करने के लिए अन्य स्थानों से आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की जाए। साथ ही खरीद केंद्रों पर नियोजित होने वाले स्टाफ को अग्रिम प्रशिक्षण भी दिलाया जाए ताकि कार्य कुशलता से संपन्न हो सके। शासन सचिव ने कृषि उपज मंडी सचिव को निर्देशित किया कि मंडी परिसर में समर्थन मूल्य पर खरीद से संबंधित विस्तृत जानकारी वाले बोर्ड लगाए जाएं और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाए। किसानों को खरीद प्रक्रिया, हमाली दरों व तिथियों की जानकारी एसएमएस के माध्यम से भी भिजवाई जाए। उन्होंने एफसीआई और तिलम संघ के लिए मंडी में एक-एक शेड रखने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि खरीद के दौरान गेहूं की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और गुणवत्ता में समस्या आने पर तुरंत शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

उन्‍होंने निर्देश दिए कि किसानों को अपनी फसल मंडी तक लाने और बेचने में किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए धर्मकांटों का भौतिक सत्यापन तुरंत करवा लिया जाए। परिवहन एवं हैंडलिंग व्यवस्था को मजबूत रखा जाएं। बैठक के दौरान उन्होंने बारदाने (बोरियों) की उपलब्धता, गोदामों की स्थिति और परिवहन व्यवस्था की भी बिंदुवार समीक्षा की।

बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए स्थापित किए गए केंद्रों तथा प्रशासन स्तर पर की गई अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी शासन सचिव के समक्ष प्रस्तुत की।

बैठक में अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम प्रसाद सागर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, जिला रसद अधिकारी उपार्जन राहुल मीणा, जिला रसद अधिकारी बूंदी देवराज रवि, शिवजी राम जाट प्रवर्तन अधिकारी, मंडल प्रबंधक भारतीय खाद्य निगम कोटा देवेंद्र मीणा, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां बूंदी मुकेश गर्ग, महाप्रबंधक तिलम संघ कोटा द्वारका प्रसाद, कुवारती मंडी सचिव क्रांति लाल मीणा, आढ़तिया संघ अध्यक्ष अनिल जैन, आरएसडब्ल्यूसी बूंदी प्रबंधक राकेश रंजन, किसान संघ व आढ़त संघ के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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