रामचंद्रपुर | बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत संसदीय संकुल विकास परियोजना माता राजमोहिनी देवी संकुल मिनवाखांड के तहत 10 फरवरी को सुंदरपुर, इंद्रावतीपुर और कुशफर ग्रामों में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित योजना के अंतर्गत आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन ने संचालित किया। कार्यक्रम में किसानों को बायोफोर्टिफाइड गेहूं और मड़ुआ की उन्नत खेती संबंधी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि योजना के तहत चयनित लाभार्थी किसानों के खेतों की मिट्टी जांच, गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता, प्रशिक्षण व तकनीकी मार्गदर्शन जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसका उद्देश्य फसल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पोषण गुणवत्ता में सुधार करना है। आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन के डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र और आलम चंद गुप्ता ने किसानों को योजना की प्रक्रिया, इसके लाभ और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा बायोफोर्टिफाइड फसलें पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जिससे कुपोषण की समस्या से निपटने में भी मदद मिलती है। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक व उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़कर उन्हें अधिक लाभकारी और पोषण-संपन्न फसल उत्पादन के लिए प्रेरित करना रहा। उपस्थित किसानों ने योजना में रुचि दिखाते हुए तकनीकी सहयोग प्राप्त करने की इच्छा जताई।


